हजारीबाग में फर्जी मुद्रा लोन ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा। पुलिस ने 9 आरोपियों को पकड़ा, 27 मोबाइल, सिम कार्ड और Brezza कार बरामद। धोखाधड़ी करोड़ों तक पहुंचने की आशंका।
Fake Mudra Loan Scamहजारीबाग: पुलिस ने एक बड़े ऑनलाइन ठगी गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो मुद्रा बैंक लोन दिलाने के नाम पर राज्य के लोगों से करोड़ों की ठगी कर रहा था। पुलिस ने कोर्रा थाना क्षेत्र में की गई छापेमारी के दौरान कुल नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनमें चार आरोपी तेलंगाना राज्य के बताए जा रहे हैं। यह कार्रवाई पुलिस को मिली एक गुप्त सूचना के बाद त्वरित रूप से की गई।
Fake Mudra Loan Scam:फर्जी संस्था बनाकर करते थे ऑनलाइन लोन फ्रॉड
पुलिस अधीक्षक को 23 दिसंबर को सूचना मिली थी कि विनोबा भावे नगर के सिंदूर इलाके में कुछ लोग ऑनलाइन लोन के नाम पर लोगों को झांसा देकर पैसे वसूल रहे हैं। जांच में सामने आया कि यह गिरोह मुद्रा योजना के तहत लोन पास कराने के बदले इंश्योरेंस, टीडीएस, जीएसटी और अन्य फीस के नाम पर पहले ही पीड़ितों से पैसे उधार लेता था।
पूछताछ में यह भी पता चला कि पीड़ितों की सूची, लेनदेन और कॉलिंग टारगेट को कॉपी और रजिस्टर में लिखकर रखा जाता था, ताकि क्रमबद्ध रूप से लोगों को जाल में फंसाया जा सके।
Fake Mudra Loan Scam: छापेमारी में मिली Brezza कार, 27 मोबाइल और महत्वपूर्ण दस्तावेज
सदर एसडीपीओ अमित कुमार के नेतृत्व में गठित टीम ने छापेमारी कर आरोपियों को पकड़ लिया। छापेमारी के दौरान पुलिस ने जो सामग्री जब्त की उसमें शामिल हैं
27 मोबाइल फोन
सात सिम कार्ड
23 रजिस्टर और कॉपियां
एक Maruti Suzuki Brezza कार
Key Highlights
हजारीबाग पुलिस ने फर्जी लोन गिरोह का खुलासा किया
तेलंगाना के चार सहित कुल नौ ठग गिरफ्तार
27 मोबाइल फोन, 23 रजिस्टर और Brezza कार जब्त
ऑनलाइन तरीके से मुद्रा लोन दिलाने का झांसा देकर लोगों को ठगा जाता था
ठगी की राशि करोड़ों में पहुंचने की आशंका, जांच जारी
पुलिस ने बताया कि रजिस्टर में उन लोगों के नाम और नंबर दर्ज थे, जिन्हें भविष्य में ठगी का शिकार बनाया जाना था। फिलहाल सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
Fake Mudra Loan Scam:तेलंगाना के कॉल एजेंट करते थे झारखंड में ठगी
जांच में सामने आया कि गिरोह का संचालन झारखंड से होता था, लेकिन तेलंगाना के चार युवक कॉल एजेंट के रूप में काम कर रहे थे। उन्हें बुलाया गया था ताकि वे उसी भाषा में लोगों को झांसा देकर जोड़ सकें। इनके जरिए पीड़ितों को फोन करके लोन पास होने का लालच दिया जाता था।
पुलिस ने बताया कि अब तक अनुमानतः 30 से 40 लाख रुपये की ठगी सामने आई है, लेकिन पूरा मामला करोड़ों तक पहुंच सकता है। साइबर सेल और थाना पुलिस संयुक्त रूप से मामले की गहराई से जांच कर रही है। इस प्रकरण में कोर्रा थाना कांड संख्या 230/25 दर्ज की गई है, जिसमें आईटी एक्ट भी लगाया गया है।
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