महाकुंभ में पहुंचीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, अब तक पौने 57 करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम में लगाई डुबकी

प्रयागराज / लखनऊ : महाकुंभ में पहुंचीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, अब तक पौने 57 करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम में लगाई डुबकी। महाकुंभ को लेकर सियास दलों के बीच वार-पलटवार के क्रम के बीच श्रद्धालुओं का संगम स्नान करने के लिए पहुंचने का क्रम अनवरत जारी है। अकेले बुधवार को ही रात 8 बजे तक 1.19 करोड़ श्रद्धालुओं ने गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती नदियों के संगम में डुबकी चुके थे।

पौष पूर्णिमा से शुरू हुए महाकुंभ के आयोजन में अब तक पौने 57 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के डुबकी लगा लेने की आधिकारिक तौर पर मेला प्रबंधन और यूपी सरकार की ओर से पुष्टि की गई है।

इस बीच बुधवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण महाकुंभ पहुंचीं। यूपी के कैबिनेट मंत्री नंद कुमार नंदी ने यूपी सरकार की तरफ से स्वागत किया। साथ ही बुधवार को यूपी कांग्रेस नेता अजय राय ने संगम स्नान किया।

‘सनातन धर्म के कार्यक्रम का आयोजन अपराध नहीं’

महाकुंभ के मसले पर ही बुधवार को यूपी विधानसभा में प्रदेश और देश के प्रतिपक्षी दलों को उनके लगाए गए आरोपों के लिए निशाने लेते हुए CM Yogi आदित्यनाथ ने कहा कि – ‘…सनातन धर्म का अनुयायी बनना अथवा सनातन धर्म के किसी कार्यक्रम को भव्यता के साथ आयोजित करना अपराध नहीं है।

…महाकुम्भ का आयोजन किसी पार्टी या सरकार विशेष का नहीं है। यह आयोजन समाज का है। महाकुम्भ में सरकार श्रद्धालुओं का सहयोग व अपने उत्तरदायित्वों का निर्वहन कर रही है। उत्तरदायित्वों के निर्वहन के लिए हम लोग तत्परता के साथ कार्य कर रहे हैं। हमें अपनी जिम्मेदारियां का एहसास व भारत की सनातन परम्पराओं के प्रति अगाध श्रद्धा है।

महाकुंभ में बुधवार को संगम स्नान करते कांग्रेस नेता अजय राय।
महाकुंभ में बुधवार को संगम स्नान करते कांग्रेस नेता अजय राय।

…श्रद्धालुओं को सम्मान देना हमारा दायित्व है। हमारा सौभाग्य है कि इस सदी के महाकुम्भ के साथ प्रदेश सरकार को जुड़ने का अवसर प्राप्त हुआ। आयोजन के प्रति अनेक प्रकार के दुष्प्रचार को दरकिनार करते हुए देश और दुनिया ने इस पूरे आयोजन के साथ सहभागी बनकर इसे सफलता की नई ऊंचाई तक पहुंचाया है।

…महाकुम्भ आयोजन के अभी सात दिन शेष हैं। आज दोपहर तक 56 करोड़ 25 लाख से अधिक श्रद्धालु प्रयागराज में महात्रिवेणी में आस्था की डुबकी लगा चुके हैं। इतने बड़े आयोजन में किसी के साथ भेदभाव नहीं किया गया।

…महाकुम्भ में क्रिकेटर मोहम्मद शमी ने भी स्नान किया। हर जाति, मत और मजहब के लोगों ने आस्था की डुबकी लगाई है।’

बुधवार को यूपी विधानसभा में बोलते सीएम योगी आदित्यनाथ।
बुधवार को यूपी विधानसभा में बोलते सीएम योगी आदित्यनाथ।

CM Yogi : हादसे पर राजनीति करना बिल्कुल उचित नहीं

विधानसभा में महाकुंभ पर बोलते हुए CM Yogi आदित्यनाथ ने आगे कहा कि – ‘…हादसे  पर राजनीति करना बिल्कुल उचित नहीं है। बीते 29 जनवरी की भगदड़ में हताहत तथा सोनभद्र, अलीगढ़ या किसी अन्य स्थान पर प्रयागराज महाकुम्भ के आयोजन में भाग लेने के लिए आने व यहां से वापस जाने में सड़क दुर्घटना के शिकार श्रद्धालुओं को मैंं श्रद्धांजलि देता हूं।

…उनके परिवारजनों के प्रति पूरी संवेदनाएं हैं तथा प्रदेश सरकार हमेशा उनके साथ खड़ी है। सरकार उनकी हर सम्भव मदद करेगी। इस पर राजनीति करना बिल्कुल उचित नहीं है। 29 जनवरी की रात्रि 1 बजकर 10 मिनट से 1 बजकर 30 मिनट के बीच में दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटित हुई। जब संगम नोज़ के पास अचानक भीड़ का अत्यधिक दबाव होने के कारण बैरिकेट्स टूट गई।

…वहां स्थित होल्डिंग एरिया में पहले से बैठे श्रद्धालु के ऊपर लोग गिर गए।
इसमें 66 श्रद्धालु चपेट में आए थे, जिन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। उसमें से 30 श्रद्धालुओं की मृत्यु हो गई। 36 श्रद्धालु स्थानीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती किए गए। 30 मृत श्रद्धालुओं में से 29 की पहचान हो गई।

…उनके परिजन शवों को अपने साथ लेकर चले गए। एक मृतक की पहचान नहीं हो पायी। उनका डीएनए सुरक्षित रख लिया गया है। उनका अंतिम संस्कार स्थानीय स्तर पर प्रशासन द्वारा कर दिया गया।

…36 घायल श्रद्धालुओं में से 35 को उनके परिजन घर लेकर चले गए। एक श्रद्धालु का उपचार स्थानीय मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। वहां पर तत्काल पुलिस ने और सुरक्षा के लिए लगाए गए अन्य एजेंसियों ने रेस्क्यू प्रारंभ किया।

…ग्रीन कॉरिडोर बनाने में श्रद्धालु जनों ने मदद की थी। दिन भर अलग-अलग क्षेत्र में इस प्रकार के दबाव बनते रहे। अन्य स्थानों पर भी लगभग 30-35 लोग घायल हुए उन्हें भी अस्पताल पहुंचाया गया। इनमें भी 7 लोगों की मृत्यु हुई।

…लेकिन देश के अलग-अलग भागों अलीगढ़, झारखण्ड व नेपाल में घटित हुई घटना को प्रयागराज से जोड़कर दिखाया गया। यह नहीं होना चाहिए था। कुछ दिन पूर्व ही प्रयागराज में एक बोलेरो गाड़ी की अन्य गाड़ी से टक्कर में प्रयागराज महाकुम्भ में शामिल होने आ रहे 10 श्रद्धालुओं की दुखद मृत्यु हो गई। इसे महाकुम्भ के आयोजन से नहीं जोड़ना चाहिए।

…सड़क दुर्घटना हमारे लिए चिंता का विषय है। केवल उत्तर प्रदेश में हर वर्ष हम 20 से 25 हजार लोगों को सड़क दुर्घटना में खो देते हैं। इनमें से 55 से 60 प्रतिशत मृतक 18 से 40 वर्ष की आयु के बीच के होते हैं। यह समाज की क्षति है। प्रदेश सरकार सड़क सुरक्षा के लिए जन जागरूकता के अनेक कार्यक्रम चला रही है।’

बुधवार को यूपी विधानसभा में बोलते सीएम योगी
बुधवार को यूपी विधानसभा में बोलते सीएम योगी

CM Yogi : सरकार की जिम्मेदारी है श्रद्धालुओं को दिक्कत ना हो…

इसी क्रम में CM Yogi ने आगे कहा कि – ‘…अभी महाकुम्भ के समापन में एक सप्ताह का समय बाकी है। अब तक 56 करोड़ श्रद्धालु इस पूरे आयोजन में सहभागी बने हैं। सभी ने भारत के सनातन धर्म के प्रति अपनी आस्था को व्यक्त किया है। भारत और भारतीयता को पहचान देने के लिए हर व्यक्ति उतावला दिख रहा है।

…देश और दुनिया में जहां कहीं भी सनातन धर्मावलंबी है या भारत में किसी भी क्षेत्र का नेतृत्व वर्ग है, उनकी एक ही इच्छा है कि महाकुम्भ के आयोजन में भागीदार बनें। यह सरकार की जिम्मेदारी है कि श्रद्धालुओं को कोई दिक्कत न हो।

…प्रदेशवासियों को इस बात पर गौरव की अनुभूति करनी चाहिए कि हम सभी को इस बड़े आयोजन से जुड़ने का अवसर प्राप्त हुआ है। यह आयोजन हमारे लिए बहुत महत्व रखता है। भले ही यहां हम लोग विभिन्न दलों से जुड़े हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश से बाहर जाने पर हमारी पहचान उत्तर प्रदेशवासी के रूप में होती है।

बुधवार को यूपी विधानसभा में बोलते सीएम योगी आदित्यनाथ।
बुधवार को यूपी विधानसभा में बोलते सीएम योगी आदित्यनाथ।

…यदि हम अच्छा काम करेंगे, तो हमें सम्मान की प्राप्ति होगी तथा गलत काम करने पर लोग हमें असम्मान के भाव से देखेंगे। वर्ष 2017 से पूर्व प्रदेश की यही छवि थी। उत्तर प्रदेश के लोगों के सामने पहचान का संकट था। प्रदेश सरकार ने विगत 8 वर्षों में राज्य के परसेप्शन को बदला है। इसी का परिणाम है कि आज उत्तर प्रदेशवासियों का देश दुनिया में सम्मान किया जाता है। 

…विगत 29 जनवरी को मौनी अमावस्या के दिन हुई दुर्घटना दुर्भाग्यपूर्ण है।मैंने स्वयं 29 जनवरी को सुबह 3 बजे अखाड़ों से इस बारे में अनुरोध किया था कि उनको कुछ देर के लिए अमृत स्नान स्थगित करना चाहिए। 29 जनवरी, 2025 को दिनभर अमृत स्नान का मुहूर्त था। उस दिन कोई एक समय निश्चित नहीं था।

…अखाड़ों ने व्यवस्था में पूर्ण सहयोग प्रदान किया और कहा कि श्रद्धालुओं को अमृत स्नान का अवसर मिलना चाहिए। महाकुम्भ में 6 मुख्य स्नान हैं, जिसमें 3 अमृत स्नान हुए हैं। 13 जनवरी, 2025 को पौष पूर्णिमा का पहला स्नान सम्पन्न हुआ। 14 जनवरी को मकर संक्रांति के दिन पहला अमृत स्नान हुआ।

…दूसरा अमृत स्नान विगत 29 जनवरी को मौनी अमावस्या को सम्पन्न हुआ, जिसमें सभी 13 अखाड़ों ने अमृत स्नान में भाग लिया। इस स्नान को लोगों ने अपनी आंखों से देखा। यह महाकुम्भ का तीसरा स्नान था। चौथा स्नान, जो तीसरा अमृत स्नान था, बसंत पंचमी के दिन पूरी भव्यता के साथ सम्पन्न हुआ। सभी अखाड़े उसमें सहभागी बने।

…पांचवां स्नान माघी पूर्णिमा विगत 12 फरवरी को भव्यता के साथ सम्पन्न हुआ। यह स्नान अमृत स्नान नहीं था। अखाड़े काशी के लिए प्रस्थान कर चुके थे। छठवां स्नान 26 फरवरी, 2025 को महाशिवरात्रि के दिन होने जा रहा है।

…महाकुम्भ की तिथि ज्योतिष गणना के आधार पर तय होती है। यह तिथि सरकार तय नहीं करती है। संतों ने इस पूरे आयोजन को आगे बढ़ाया है और वह सभी अमृत स्नानों में भागीदार बने हैं।’

Saffrn

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