पटना : लोकसभा चुनाव के बाद बिहार सरकार ने आज पहली कैबिनेट की बैठक की। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज कैबिनेट की बैठक बुलाई थी। मुख्य सचिवालय स्थित मंत्रिपरिषद कक्ष में आयोजित बैठक में कई महत्वपूर्ण एजेंडों पर मुहर लगी है। कुल 25 एजेंडों पर मुहर लगी है। बिहार आकस्मिकता निधि को वित्तीय वर्ष 2024-25 में अस्थाई रूप से बढ़कर 10 हजार करोड़ रुपए करने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव व शिक्षा विभाग के नए अपर मुख्य सचिव ने आज की कैबिनेट की बैठक को लेकर मीडिया से बातचीत की।
वित्तीय वर्ष 2024-25 में 54298.9273 करोड़ रुपए के ऋण उगाही की स्वीकृति दी गई है। बाढ़ के न्यायिक दंडाधिकारी आशुतोष कुमार-3 को सेवा से बर्खास्त किया गया है। बिहार के पुराने 22 एएनएम स्कूल एवं छह जीएनएम ट्रेंनिंग स्कूल के सफल संचालन के लिए 247 पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई है। बता दें कि कैबिनेट की बैठक में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, भूमि सुधार विभाग, सामान्य प्रशासन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, श्रम संसाधन विभाग, परिवहन विभाग, संसदीय कार्य विभाग, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग और शिक्षा विभाग की बात की गई।
मनरेगा मजदूरों को 100 दिन रोजगार नहीं तो मिलेगा भत्ता
बिहार में मनरेगा के तहत जॉब कार्डधारियों को बेरोजगारी भत्ता मिलन का रास्ता साफ हो गया है। कैबिनेट ने बिहार बेरोजगारी भत्ता नियमावली-2024 को मंजूरी दे दी है। शीघ्र ही ग्रामीण विकास विभाग इसे अधिसूचित करेगा। बिहार में श्रमिकों को मनरेगा में एक दिन के काम के 245 रुपए मजदूरी मिलती है। नियमावली के अनुसार, जॉब कार्डधारी श्रमिक के काम मांगने के 15 दिनों के अंदर यदि काम नहीं दिया जाता है तो वे भत्ता के हकदार होंगे। पहले 30 दिनों तक मजदूरी की 25 फीसदी राशि मिलेगी। वहीं, दूसरे माह से 50 फीसदी राशि दी जाएगी। मनरेगा में हर साल किसी भी श्रमिक को 100 दिनों तक काम देने का प्रावधान है। इसलिए अधिकतम 100 दिनों की मजदूरी के बराबर भत्ता मिलेगा।
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विवेक रंजन की रिपोर्ट
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