Sukhbir Singh Badal के ऊपर जानलेवा हमले की कोशिश, गिरफ्तार आरोपी बब्बर खालसा का पूर्व आतंकी

डिजीटल डेस्क : Sukhbir Singh Badal के ऊपर जानलेवा हमले की कोशिश, गिरफ्तार आरोपी बब्बर खालसा का पूर्व आतंकी। पंजाब के अमृतसर में श्री हरमंदिर साहिब में बुधवार को शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष Sukhbir Singh Badal पर जानलेवा हमला करने के क्रम में गोली मारने की कोशिश हुई।

हालांकि सादी वर्दी में तैनात Sukhbir Singh Badal के सुरक्षाकर्मियों ने हमलावर को पकड़ लिया और उसका हाथ ऊपर कर दिया। गोली दीवार में लगी जिससे कोई जान माल का नुकसान नहीं हुआ।

Sukhbir Singh Badal पर गोली चलाने के आरोपी की पहचान नारायण सिंह चौरा निवासी डेरा बाबा नानक के तौर पर हुई है। आरंभिक जांच में पता चला है कि गिरफ्तार आरोपी गर्मपंथी है और दल खालसा यानी बब्बर खालसा का पूर्व आतंकी है।

Sukhbir Singh Badal पर हमले की चौतरफा की जा रही निंदा…

Sukhbir Singh Badal पर बुधवार की सुबह हुए जानलेवा हमले की घटना का चौतरफा निंदा की जा रही है। शिरोमणि अकाली नेता डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने आरोप लगाया कि आरोपी चौरा का भाई कांग्रेस सांसद सुखजिंदर रंधावा का बहुत करीबी है। डॉ. चीमा ने मान सरकार पर सवाल उठाते हुए इस मामले की न्यायिक जांच की मांग की है।

डॉ. चीमा ने कहा कि ये हमला मान सरकार की विफलता है। एसजीपीसी के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि ‘हम अपने सूत्रों के माध्यम से इसकी अच्छी तरह जांच करेंगे। हमलावर को पुलिस ने पकड़ लिया है और अपने साथ ले गई है…गुरु रामदास ने सुखबीर सिंह बादल को बचाया…हम सुरक्षा व्यवस्था की जांच कर रहे हैं’।

पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने इस हमले की निंदा की है। वड़िंग ने कहा कि ‘ऐसा नहीं होना चाहिए था। मैं सुखबीर बादल पर गोली चलाने को सरकार की 100 फीसदी लापरवाही मानता हूं…यह पंजाब में कानून व्यवस्था की स्थिति को दर्शाता है। जिसने भी गोली चलाई है, उसे सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए। मैं इसकी कड़ी निंदा करता हूं।

एसीपी को सस्पेंड किया जाना चाहिए, उसके खिलाफ तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए। …यह कैसे हुआ? इसके लिए किसे जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए?

सरकार किसी के मारे जाने का इंतजार कर रही है और फिर वे कह सकते हैं कि यह एक चूक थी…सिखों के मन में सुखबीर बादल के लिए नफरत हो सकती है…लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आप उन्हें गोली मार देंगे’।

कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने  कहा कि ‘…Sukhbir Singh Badal पर जानलेवा हमले की घटना अत्यंत दुखद और निंदनीय है। श्री अकाल तख्त साहिब सिखों का सबसे बड़ा धार्मिक संगठन है और सुखबीर सिंह बादल अपनी सजा पूरी कर रहे थे, लेकिन उन पर हमला करना अत्यंत निंदनीय है। इसकी जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए’।

भाजपा के पंजाब राज्य प्रेस सचिव  हरदेव सिंह उभा ने कहा कि ‘मैं Sukhbir Singh Badal पर हुए हमले की कड़ी निंदा करता हूं। आरोपियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए और Sukhbir Singh Badal की सुरक्षा में हुई लापरवाही की जांच होनी चाहिए’।

समाजवादी पार्टी के सांसद डॉ. राम गोपाल यादव ने कहा कि यह बेहद दुखद है कि सुखबीर बादल की हत्या की कोशिश की गई।

स्वर्ण मंदिर परिसर के गेट पर सेवा देते शिअद प्रमुख सुखबीर  सिंह बादल।
स्वर्ण मंदिर परिसर के गेट पर सेवा देते शिअद प्रमुख सुखबीर सिंह बादल।

आरंभिक पड़ताल में Sukhbir Singh Badal के हमलावर की सामने आई कुंडली…

घटना के बाद तुरंत आरोपी के बैकग्राउंड की जांच की गई और पूरी कुंडली निकाली गई। Sukhbir Singh Badal पर गोली चलाने के आरोपी की पहचान नारायण सिंह चौरा निवासी डेरा बाबा नानक के तौर पर हुई है। आरंभिक जांच में पता चला है कि गिरफ्तार आरोपी गर्मपंथी है और दल खालसा यानी बब्बर खालसा का पूर्व आतंकी है।

एडीसीपी हरपाल सिंह के मुताबिक, आरोपी नारायण सिंह पिछले 2 दिनों से लगातार दरबार साहिब में मत्था टेकने आ रहा था। उसकी हरकतें संदिग्ध लग रही थीं, जिसके चलते पुलिस ने उस पर पहले से ही नजर बनाए रखी थ। वह बेअदबी मामलों को लेकर सुखबीर बादल से नाराज था। पुलिस को प्राथमिक जांच में पता चला है कि आरोपी धार्मिक कट्टरता से प्रेरित हो सकता है।

आरोपी नारायण सिंह का जन्म 4 अप्रैल 1956 को डेरा बाबा नानक (गुरदासपुर) के चौरा गांव में हुआ था। वह गरमख्याली कथित तौर पर गरमख्याली लिबरेशन फोर्स और अकाल फेडरेशन से जुड़ा था। चौरा को 28 फरवरी 2013 को तरनतारन के जलालाबाद गांव से गिरफ्तार किया गया था और उसके साथियों सुखदेव सिंह और गुरिंदर सिंह को उसी दिन जिले के पंडोरी गांव से गिरफ्तार किया गया था।

उससे पूछताछ के बाद पुलिस ने मोहाली के कुराली गांव में एक ठिकाने पर छापा मारा और हथियारों और गोला-बारूद का जखीरा बरामद करने का दावा किया। उसके खिलाफ 8 मई 2010 को अमृतसर के सिविल लाइंस थाने में विस्फोटक अधिनियम के तहत करीब एक दर्जन मामले दर्ज किए गए थे।

वह अमृतसर, तरनतारन और रोपड़ जिलों में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत मामलों में भी वांछित था। अमृतसर की एक कोर्ट ने विस्फोटक अधिनियम के तहत एक मामले में उसे बरी कर दिया था। चौरा 1984 में पाकिस्तान चला गया और आतंकवाद के शुरुआती चरण के दौरान पंजाब में हथियारों और विस्फोटकों की बड़ी खेप की तस्करी में सहायक था।

पाकिस्तान में रहते हुए, उसने कथित तौर पर गुरिल्ला युद्ध और देशद्रोही साहित्य पर एक किताब लिखी। वह बुड़ैल जेलब्रेक मामले में भी आरोपी था।

स्वर्ण मंदिर के गेट पर शिअद प्रमुख सुखबीर सिंह बादल पर फायरिंग करने वाले को दबोचते गार्ड्स।
स्वर्ण मंदिर के गेट पर शिअद प्रमुख सुखबीर सिंह बादल पर फायरिंग करने वाले को दबोचते गार्ड्स।

सुबह साढ़े 9 बजे Sukhbir Singh Badal से महज तीन कदम की दूरी पर हमलावर ने तानी पिस्टल

बुधवार की सुबह के 9:30 बजे पंजाब के अमृतसर शहर स्थित स्वर्ण मंदिर (गोल्डन टेंपल) परिसर में बुधवार की सुबह साढ़े 9 बजे पूर्व उप मुख्यमंत्री और शिरोमणि अकाली दल के नेता Sukhbir Singh Badal दरवान बनकर सजा काट रहे थे। घटनाक्रम का वीडियो कुछ समाचार एजेंसियों ने सोशल मीडिया हैंडल पर भी जारी किया है जिससे पूरा सीन सामने आया है।

Sukhbir Singh Badal के अगल-बगल में 3 बॉडीगार्ड  खड़े थे। श्रद्धालु मंदिर में आ जा रहे थे और तभी एक भूरी जैकेट, मूंगिया पैंट और नीली पगड़ी पहने अधेड़ उम्र का शख्स भी मंदिर परिसर में दाखिल होने के पहुंचा। उस अधेड़ ने सुखबीर बादल को देखते ही अपने कदम धीमे कर लिए। उसकी इस हरकत पर सुरक्षाकर्मियों की भी नजर थी।

तभी उस अधेड़ ने जेब से पिस्टल निकाली और Sukhbir Singh Badal की तरफ फायरिंग की लेकिन एक गार्ड ने तुरंत उसके हाथ हो घुमा दिया और शख्स को पकड़ लिया। उसके चलते गोली Sukhbir Singh Badal को न लगकर हवा में चल गई दीवार से टकराई। अधेड़ ने उसके साथ ही एक और गोली चलाई और वह भी मिसफायर हुई।

तुरंत सभी  गार्ड्स और मंदिर के सेवादारों ने भी उस शख्स को पकड़ लिया। घटना का वीडियो देखने से साफ पता चलता है कि अगर अधेड़ के गोली चलाने के वक्त गार्ड ने तुरंत उसे काबू न करता तो अनहोनी हो सकती थी।

जिस गार्ड ने सबसे पहले गोली चलाने वाले शख्स को पकड़ा उनका नाम जसबीर है। दूसरे गार्ड का नाम परमिंदर है और परमिंदर ने जसबीर के तुरंत बाद गोली चलाने वाले को दबोच लिया था। इस गोलीकांड के बाद स्वर्ण मंदिर में हड़कंप मच गया। तत्काल Sukhbir Singh Badal को घेर लिया गया और सुरक्षा मुहैया कराई गई। सुरक्षाबलों ने स्थिति को कंट्रोल किया और सुखबीर बादल को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।

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