Gandhi Jayanti 2026, पटना: महात्मा गांधी की 157वीं जयंती और बापू टावर के द्वितीय स्थापना दिवस के अवसर पर शुक्रवार, 2 अक्टूबर को पटना के गर्दनीबाग स्थित बापू टावर में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने महात्मा गांधी के जीवन और विचारों को समर्पित स्मारक में कई नई सुविधाओं की शुरुआत की। मुख्यमंत्री ने बापू टावर में दर्शकों की सुविधा के लिए ऑनलाइन टिकटिंग प्रणाली का शुभारंभ किया। इसके साथ ही टावर की ओर से प्रकाशित पत्रिका ‘सत्याग्रह’ का विमोचन किया गया। कार्यक्रम के दौरान महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा, प्रेम और सेवा के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने की अपील भी की गई।
पद्मश्री ब्रह्मदेव पंडित की बनाई प्रतिमा का अनावरण
कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण बापू टावर के भूतल पर महात्मा गांधी की आवक्ष प्रतिमा का अनावरण रहा। प्रसिद्ध सिरेमिक कलाकार पद्मश्री ब्रह्मदेव पंडित ने इस प्रतिमा का निर्माण किया है। मुख्यमंत्री ने प्रतिमा का अनावरण कर महात्मा गांधी को नमन किया। उन्होंने कहा कि गांधी जी ने सत्य, अहिंसा और नैतिक शक्ति के बल पर स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी। उनके विचारों और दृढ़ संकल्प ने देशवासियों को आजादी की लड़ाई में एकजुट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मुख्यमंत्री के अनुसार, गांधी जी का जीवन सादगी, सेवा और समाज के प्रति जिम्मेदारी का संदेश देता है। उनके आदर्श आज भी प्रासंगिक हैं और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित कर सकते हैं।

गांधी जी के जीवन और विचारों को समझने का केंद्र है बापू टावर
मुख्यमंत्री ने कहा कि बापू टावर महात्मा गांधी के जीवन, संघर्षों और ऐतिहासिक यात्रा को समझने का महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां आधुनिक तकनीक के माध्यम से गांधी जी के जीवन के विभिन्न पड़ावों और उनके व्यक्तित्व के अलग-अलग पहलुओं को प्रदर्शित किया गया है। इसका उद्देश्य नई पीढ़ी को गांधी जी के विचारों, स्वतंत्रता आंदोलन में उनके योगदान और उनके जीवन मूल्यों से परिचित कराना है। ऑनलाइन टिकटिंग सुविधा शुरू होने से दर्शकों को टिकट लेने में सहूलियत मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांधी जी के आदर्शों को केवल याद करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें अपने व्यवहार में भी अपनाना चाहिए। सत्य, अहिंसा, स्वच्छता और सामाजिक सद्भाव के मूल्यों को मजबूत करने की जरूरत है।

विकसित भारत और समृद्ध बिहार के लक्ष्य पर जोर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने विकसित भारत और समृद्ध बिहार के निर्माण में नागरिकों की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी का सपना था कि भारत विश्व पटल पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाए और विकास के नए आयाम स्थापित करे। मुख्यमंत्री ने राज्य में पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा के क्षेत्र में चल रही पहलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि पटना के कचरे का वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन कर करीब 50 करोड़ रुपये की आय अर्जित करने का लक्ष्य रखा गया है। राज्य में ग्रीन हाइड्रोजन नीति बनाई गई है और कृषि फीडरों को सौर ऊर्जा से जोड़ने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कृषि फीडरों के लिए राज्य सरकार की ओर से 5,500 करोड़ रुपये का अनुदान दिया जा रहा है। सौर ऊर्जा के उपयोग से किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराने और ऊर्जा खर्च कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

बिहार में शिक्षा और सांस्कृतिक विरासत पर भी चर्चा
मुख्यमंत्री ने शिक्षा के क्षेत्र में राज्य की पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि बिहार के सभी 38 इंजीनियरिंग कॉलेजों में विद्यार्थियों के लिए 10 रुपये शुल्क निर्धारित है। वहीं, राज्य के 700 मॉडल स्कूलों में करीब 3.5 लाख विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं। इन विद्यार्थियों को ‘विद्यार्थी साथी ऐप’ के माध्यम से 24 घंटे ऑनलाइन ट्यूटर की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने बिहार की सांस्कृतिक विरासत और विशेषज्ञता का जिक्र करते हुए कहा कि देश के विभिन्न स्थानों पर विकसित हो रहे अंतरराष्ट्रीय स्तर के संग्रहालयों के लिए बिहार के विशेषज्ञों और सलाहकारों की सेवाएं ली जा रही हैं। इस अवसर पर पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर उन्हें भी श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, भवन निर्माण विभाग के सचिव प्रणव कुमार, गांधीवादी विचारक रामजी सिंह, बापू टावर के निदेशक विनय कुमार सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। ‘परिवर्तन’ समूह के कलाकारों ने गांधी भजनावली और लोकगीतों की प्रस्तुति देकर कार्यक्रम में सांस्कृतिक रंग भी जोड़ा।
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