Giridih : पहली बरसात में ही बह गया सड़क, गुणवत्ता पर उठ रहा सवाल, 8 माह पहले हुआ था निर्माण…

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Giridih : पहली बरसात में ही बह गया सड़क, गुणवत्ता पर उठ रहा सवाल, 8 माह पहले हुआ था निर्माण...
Giridih : पहली बरसात में ही बह गया सड़क, गुणवत्ता पर उठ रहा सवाल, 8 माह पहले हुआ था निर्माण...
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Giridih : गिरिडीह के गावां प्रखंड में सड़क बनने के साथ टूटने और धंसने की खबर अक्सर आते रही है। लेकिन संबंधित विभाग इसपर कोई एक्शन नहीं लेता है। जिसका नतीजा है कि सड़क निर्माण के दौरान नियमों को ताक पर रखकर खूब धांधली बरती जाती है। इसका एक वाक्या बादीडीह और माल्डा पंचायत से सामने आया है। यहां बंगलासोत नदी के बीच बनें पुल के दोनों ओर बनी एप्रोच सड़क पहली बरसात भी नहीं झेल पाया। पहली बारिश में ही सड़क कई जगह टूटकर बह गया। जिससे सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगा है।

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बता दें कि बंगलासोत नदी से आरागारो और भागलपुर गांव जोड़ने वाली 310 मीटर लंबा पुल और एप्रोच पथ का निर्माण ग्रामीण विकास विभाग द्वारा 9 करोड़ रुपये की लागत से पिछले जनवरी माह में कराया गया था। पुल और एप्रोच पथ निर्माण कार्य का जिम्मा बरकट्ठा निवासी संवेदक मेसर्स रामचंद्र यादव को दिया गया था। 8 माह पूर्व एप्रोच पथ का निर्माण कार्य पूरा हुआ था। लेकिन पहली बरसात में ही एप्रोच पथ का कई हिस्सा दोनों साइड टूटकर बह गया।

Giridih : भ्रष्टाचार पर पर्दा डालने की कोशिश

बारिश के बाद एप्रोच पथ का कई हिस्सा टूटकर बह जाने की जानकारी मिलने के बाद पिछले माह संदेवक द्वारा जिन जगहों पर सड़कें टूटी थी वहां मिट्टी डालकर भ्रष्टाचार पर पर्दा डालने की कोशिश की गई है, लेकिन ग्रामीणों का विरोध के बाद संवेदक के मनसूबे पर पानी फेर गया। ग्रामीणों ने संवेदक से मिट्टी के जगह अलकतरा के साथ टूटे हुए और बारिश से बह गए सड़क का मरम्मत की मांग कर दी। जिसके बाद एप्रोच पथ के आधा दूर तक सड़कें आज भी टूटी और धंसी हुई है।

निर्माण पूरा हो जाने के बाद भी नहीं लगा है बोर्ड

पुल और एप्रोच पथ निर्माण कार्य पूरा होने के 8 माह बीत जाने के बाद भी अभीतक संवेदक द्वारा निर्माण स्थल पर एस्टीमेट बोर्ड नहीं लगाया गया है। बोर्ड नहीं होने के कारण प्राक्कलित राशि और निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर भी अब सवाल उठने लगा है। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में हुए भ्रष्टाचार को छुपाने के लिए बोर्ड नहीं लगाया गया है। इस संबंध में वहां के तत्कालीन साइड इंचार्ज अरुण यादव से पूछे जाने पर बताया कि विभाग की ओर से बोर्ड लगाने के संबंध में आदेश नहीं मिला था जिस कारण बोर्ड नहीं लगाया गया है।

ग्रामीणों ने कहा, एप्रोच पथ के दोनों तरफ आधा अधूरा दिया गया है गार्डवाल

इस दौरान वहां के ग्रामीणों ने बताया कि एप्रोच पथ के दोनों साइड आधा अधूरा ही गार्डवाल देकर छोड़ दिया गया है। जब संवेदक को ग्रामीणों के द्वारा पूरा एप्रोच पथ तक गार्डवाल देने के लिए कहा गया तो किसी का नहीं सुना और आज बारिश में सड़कें टूटने और बहने लगी है। कहा कि अगर शीघ्र ही इसे मरम्मत नहीं कराया गया तो बड़ा हादसा हो सकता है।
जेई ने कहा, जांच कर सड़क की मरम्मती कराई जाएगी।

इस संबंध में ग्रामीण विकास विभाग के जेई भोला राम ने कहा कि स्थल पर जांच कर एप्रोच पथ की मरम्मती कराई जाएगी। तेज बारिश के कारण सड़क के दोनों साइड टूट गया होगा। बरसात खत्म होते ही मरम्मती का काम शुरू कर दिया जायेगा। इधर, पूर्व मुखिया दिनेश पांडेय ने कहा कि पुल और एप्रोच पथ निर्माण के दौरान काफी धांधली बरते जाने की बात सामने आई थी। लेकिन संबंधित इसपर कभी ध्यान नहीं दिया। जिसका आज नतीजा है कि सड़कें टूटने और बहने लगी है।

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