जनवरी के आखिरी 48 घंटों में सोना-चांदी में बड़ा क्रैश। चांदी 31% और सोना 13% तक टूटा। जानिए गिरावट की वजह और निवेशकों के लिए सलाह।
Gold Silver Crash Alert रांची: नए साल की शुरुआत के साथ सर्राफा बाजार में जिस तेज़ी ने निवेशकों को उत्साहित किया था, जनवरी के अंत तक वही तेजी एक बड़े झटके में बदल गई। 30 और 31 जनवरी के बीच महज 48 घंटों में सोना और चांदी में जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई। आंकड़ों के मुताबिक, चांदी अपने उच्चतम स्तर से 31.36 प्रतिशत तक टूट गई, जबकि सोने की कीमतों में 13.14 प्रतिशत की भारी गिरावट आई।
29 जनवरी तक चांदी 4,05,000 रुपये प्रति किलो के ऐतिहासिक स्तर पर थी, जो दो दिनों में 1,27,000 रुपये गिरकर 2,78,000 रुपये पर आ गई। वहीं सोना 1,86,500 रुपये प्रति 10 ग्राम के शिखर से 24,500 रुपये टूटकर 1,62,000 रुपये पर बंद हुआ।
Key Highlights
48 घंटों में सोना-चांदी में महा क्रैश
चांदी 31 प्रतिशत और सोना 13 प्रतिशत तक टूटा
डॉलर इंडेक्स की मजबूती से कीमती धातुओं पर दबाव
मार्जिन बढ़ने और ईटीएफ लिक्विडेशन से गिरावट तेज
विशेषज्ञों ने रणनीतिक निवेश की दी सलाह
Gold Silver Crash Alert:महा क्रैश के पीछे वैश्विक और तकनीकी कारण
कमोडिटी बाजार के जानकार अजय केडिया के अनुसार, यह गिरावट कई वैश्विक और तकनीकी वजहों का नतीजा है। उन्होंने बताया कि पिछले साल अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती के बाद सोने-चांदी में लगातार तेजी बनी रही, लेकिन अब फेड ने दरों में बढ़ोतरी पर ‘पॉज’ का संकेत दिया है।
इसके साथ ही चार साल बाद डॉलर इंडेक्स में आई मजबूती ने कीमती धातुओं पर दबाव बनाया। एक्सचेंज में ट्रेडिंग मार्जिन बढ़ने और ईटीएफ में लिक्विडेशन शुरू होने को इस क्रैश का बड़ा ट्रिगर माना जा रहा है।
Gold Silver Crash Alert:अब सट्टेबाजी नहीं, रणनीतिक निवेश का वक्त
विशेषज्ञों का मानना है कि सोना-चांदी की तेजी आमतौर पर दो से तीन साल का चक्र पूरा करती है। पिछले तीन वर्षों से जारी रैली के बाद अब मुनाफावसूली का दौर शुरू हो गया है। हालांकि, वैश्विक अनिश्चितता और युद्ध जैसे फंडामेंटल फैक्टर अभी भी लंबी अवधि में समर्थन दे सकते हैं, लेकिन निवेशकों को अब सट्टेबाजी से बचते हुए रणनीतिक निवेश अपनाना चाहिए।
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