रांची: दक्षिण पश्चिम बंगाल के खाड़ी से बना डीप डिप्रेशन का सिस्टम 1 अगस्त से झारखंड राज्य में अच्छी वर्षा का कारण बन रहा है। अब इस सिस्टम की वजह से छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश की ओर बढ़ रहा है। इस सिस्टम के कमजोर होने के बाद ही वर्षा में कुछ कमी की संभावना है
मौसम केंद्र रांची के कार्यकारी निदेशक अभिषेक आनंद ने बताया कि पिछले 24 घंटों में राज्य में अच्छी वर्षा हुई है। कुछ जगहों पर भारी से भी अधिक वर्षा का रिकॉर्ड दर्ज किया गया है। मझगांव में 148.4 एमएम वर्षा होने से रिकॉर्ड बना है। गिरिडीह, देवघर, जामताड़ा और आसपास के जिलों में भी भारी वर्षा हो रही है।
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार इस सिस्टम के कमजोर होने के बाद राज्य में बुधवार को भी गढ़वा, पलामू, लातेहार, लोहरदगा, सिमडेगा, खूंटी, रांची, बोकारो और चतरा में अच्छी बारिश की संभावना है। झारखंड के ऊपर से गुजर रहे डीप डिप्रेशन के सिस्टम की वजह से हवा की रफ्तार भी 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे हो सकती है, जिससे गर्जन और वज्रपात का खतरा भी बना रहेगा। इसलिए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
मौसम केंद्र रांची ने अपने ताज़ा मौसम बुलेटिन में झारखंड के ऊपर से गुजर रहे डीप डिप्रेशन के कमजोर होने से डिप्रेशन में बदल जाने की जानकारी दी है। पश्चिम से उत्तर-पश्चिम और उत्तरी छत्तीसगढ़ के साथ गहरे दबाव के कारण यह सिस्टम पूर्व की ओर बढ़ रहा है। अगले 12 घंटों के दौरान यह सिस्टम उत्तर-पूर्व मध्य प्रदेश और उत्तरी छत्तीसगढ़ की ओर जा सकता है।
पिछले दो दिनों में राज्य में हुई अच्छी वर्षा के कारण वर्षापात में कमी हुई है। अब वर्षापात माइनस 44 प्रतिशत से घटकर माइनस 39 प्रतिशत हो गया है। 1 जून से लेकर 2 अगस्त तक राज्य में सामान्य वर्षापात की बजाय 39 प्रतिशत कम वर्षापात हुई है। यह अधिक वर्षापात की वजह से खेतों में रोपनी के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध होने का संकेत दे रहा है, साथ ही भूगर्भ जल का स्तर भी बढ़ने की संभावना है।







