कटिहार : कटिहार सदर अस्पताल परिसर में करोड़ों की लागत से बना एएनएम स्कूल का भव्य भवन तीन साल बाद भी छात्राओं के काम नहीं आ रहा है। हालात ऐसे हैं कि जिस बिल्डिंग में नर्सिंग की पढ़ाई होनी चाहिए वहां स्वास्थ्य विभाग का दवा भंडार और कई सरकारी कार्यालय चल रहे हैं। दूसरी तरफ एएनएम की छात्राएं बदहाल व्यवस्था में पढ़ाई और रहने को मजबूर हैं। करीब 85 छात्राओं वाले इस एएनएम स्कूल में मूलभूत सुविधाओं का भारी अभाव है।
ठीक से रहने की व्यवस्था है न नहाने के लिए पर्याप्त सुविधा और न ही भोजन की समुचित व्यवस्था है – छात्रा
छात्राओं का आरोप है कि न तो ठीक से रहने की व्यवस्था है न नहाने के लिए पर्याप्त सुविधा और न ही भोजन की समुचित व्यवस्था है। मजबूरी में छात्राएं किसी तरह डिग्री पूरी करने के लिए संघर्ष कर रही हैं। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि पूरे एएनएम स्कूल का जिम्मा सिर्फ एक शिक्षक के कंधे पर है। वहीं प्रिंसिपल हैं और वहीं छात्राओं को पढ़ाने का काम भी कर रहे हैं। यानी एक शिक्षक के भरोसे 85 छात्राओं की पढ़ाई चल रही है। ऐसे में इंडियन नर्सिंग काउंसिल के नियमों पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।


कई बार समस्याओं को लेकर आवाज उठाई गई लेकिन अब तक हालात जस के तस बने हुए हैं – छात्राएं
छात्राओं ने बताया कि कई बार समस्याओं को लेकर आवाज उठाई गई लेकिन अब तक हालात जस के तस बने हुए हैं। वहीं प्रिंसिपल मोहम्मद आरिफ ने भी संसाधनों और स्टाफ की कमी की बात स्वीकार की। कुल मिलाकर कटिहार का एएनएम स्कूल फिलहाल भव्य भवन बनाम बदहाल शिक्षा व्यवस्था की तस्वीर पेश कर रहा है जहां नर्स बनने का सपना देख रहीं छात्राएं सिस्टम की लापरवाही का बोझ झेल रही हैं।

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रतन कुमार की रिपोर्ट
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