Gumla : कल्याण विभाग द्वारा संचालित 14 आवासीय विद्यालयों एवं छात्रावासों की हुई जांच

Gumla : गुमला जिले में शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने और विद्यार्थियों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी के निर्देशन में एक व्यापक अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत कल्याण विभाग द्वारा संचालित जिले के सभी आवासीय विद्यालयों एवं छात्रावासों का निरीक्षण एवं मूल्यांकन करने के लिए परियोजना निदेशक, PDITDA, रीना हांसदा के नेतृत्व में 12 विशेष टीमों का गठन किया गया।

इन टीमों ने जिले के कुल 14 आवासीय विद्यालयों का गहन निरीक्षण किया। प्रत्येक टीम में 4 अधिकारियों को शामिल किया गया, जिन्होंने विद्यालयों में बुनियादी ढांचे, शैक्षणिक सामग्री, शिक्षकों की उपस्थिति, छात्रों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाएं जैसे स्कूल यूनिफॉर्म, बच्चों के स्वास्थ जांच एवं हेल्थ रिपोर्ट की स्थिति, किताबें, जूते, और भोजन की गुणवत्ता समेत कई महत्वपूर्ण पहलुओं का आकलन किया। निरीक्षण के दौरान विद्यालय भवनों की स्थिति, छात्रों के बैठने के लिए बेंच-डेस्क की उपलब्धता, और स्वच्छता की स्थिति पर भी विशेष ध्यान दिया गया।

टदगड min 1 22Scope News

उद्देश्य एवं महत्व

इस अभियान के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए परियोजना निदेशक रीना हांसदा ने कहा, “यह पहल उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी के निर्देशन में शुरू की गई, जिसका मुख्य उद्देश्य जिले के कल्याण आवासीय विद्यालयों की शैक्षणिक और आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करना है। जिले के कई विद्यालय सुदूरवर्ती इलाकों में स्थित हैं, जहां नियमित निरीक्षण संभव नहीं हो पाता। इस वजह से बच्चे कई सुविधाओं से वंचित रह जाते हैं। इस अभियान के तहत विद्यालयों की वास्तविक स्थिति का आकलन कर, आवश्यक सुधारों की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।”

जांच अभियान का पहला चरण सफलतापूर्वक पूर्ण

14 विद्यालयों की जांच अब पूरी हो चुकी है। पहले चरण में सभी विद्यालयों का गैप असेसमेंट कर, समस्याओं की पहचान करते हुए एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की गई है। इस रिपोर्ट के आधार पर दूसरे चरण में सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। इसमें विद्यालयों की मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त करना और विद्यार्थियों के लिए एक समग्र और समृद्ध शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करना शामिल है।

आगे की योजना

उपायुक्त के दिशा निर्देश के आलोक में जिला कल्याण विभाग द्वारा प्राप्त जांच रिपोर्ट के आधार पर जल्द ही प्रस्ताव पारित कर इन विद्यालयों की बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने का कार्य शुरू किया जाएगा। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आधारभूत सुविधाएं प्राप्त हों। उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने इस अभियान को जिले में शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया है।

गुमला जिला प्रशासन इस बात के लिए प्रतिबद्ध है कि शिक्षा के स्तर को सुधारते हुए जिले के हर बच्चे को बेहतर भविष्य के अवसर प्रदान किए जाएं। यह पहल शिक्षा और विकास के प्रति प्रशासन की गंभीरता और समर्पण का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।

गुमला से सुंदरम केशरी की रिपोर्ट—

 IAS Officer Bihar:बिहार में IAS मनोरंजन कुमार बने विज्ञान एवं तकनीकी...

आईएएस अधिकारी मनोरंजन कुमार ने बिहार के विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के निदेशक का पदभार ग्रहण किया। अधिकारियों को पारदर्शी और प्रभावी...

Kharif Season 2026: हर किसान तक समय पर पहुंचेगी कृषि सहायता,...

बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने खरीफ सीजन 2026 की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समय पर बीज, उर्वरक और कृषि सहायता...

Lohardaga SIR 2026 Review: मतदाता सूची में गड़बड़ी पर सख्ती! मुख्य...

Lohardaga SIR 2026 Review: झारखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के. रवि कुमार मंगलवार को लोहरदगा पहुंचे और विशेष गहन समीक्षा (SIR-2026) अभियान की प्रगति...