Hazaribagh Elephant Attack: हजारीबाग के चुरचू प्रखंड के गोंदवार गांव में हाथियों के झुंड ने 6 लोगों की जान ली। एक ही परिवार के 4 सदस्य मृत, गांव में दहशत।
Hazaribagh Elephant Attack : जिले के चुरचू प्रखंड अंतर्गत गोंदवार गांव में बीती रात हाथियों के हमले में 6 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में एक ही परिवार के चार सदस्य शामिल हैं, जिनमें दो मासूम बच्चे भी बताए जा रहे हैं। घटना रात करीब 1 से 2 बजे के बीच की है। हादसे के बाद पूरे गांव में मातम और दहशत का माहौल है।
Hazaribagh Elephant Attack:घर पर धावा, सोते परिवार को कुचला
ग्रामीणों के अनुसार पांच हाथियों का झुंड अचानक गांव में घुस आया। भुइयां टोली में एक घर में अनाज की तलाश में पहुंचे हाथियों ने सो रहे परिवार पर हमला कर दिया। जान बचाने के लिए बाहर निकले लोगों को हाथियों ने अपनी चपेट में ले लिया। मौके पर ही चार लोगों की मौत हो गई।
एक अन्य व्यक्ति की भी मौत की पुष्टि की गई है, जबकि एक घायल का इलाज शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज में चल रहा है।

Hazaribagh Elephant Attack:वन विभाग ने दी थी चेतावनी
रेंज ऑफिसर विजय कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि हाथियों का यह झुंड बोकारो और रामगढ़ की सीमा पर सक्रिय था। संभावना नहीं थी कि झुंड हजारीबाग क्षेत्र में प्रवेश करेगा।
उन्होंने बताया कि रात में वन विभाग की ओर से माइकिंग कर लोगों को सतर्क किया जा रहा था, लेकिन पर्याप्त सावधानी नहीं बरती गई। घटना के बाद विभागीय अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से जंगल की ओर न जाने की अपील की है। हाथियों को उग्र बताया गया है और पहले भी जानमाल की क्षति की जानकारी दी गई है।
Key Highlights
चुरचू प्रखंड के गोंदवार गांव में हाथी हमले में 6 की मौत
एक ही परिवार के 4 सदस्य, दो मासूम भी शामिल
घायल का इलाज शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज में जारी
वन विभाग ने माइकिंग से दी थी चेतावनी
विधायक निर्मल महतो पहुंचे, ग्रामीणों के समर्थन का आश्वासन
Hazaribagh Elephant Attack:गांव में दहशत, कई घर क्षतिग्रस्त
हाथियों ने गांव के दर्जनों घरों को नुकसान पहुंचाया है। ग्रामीणों में भारी आक्रोश और भय का माहौल है।
निर्मल महतो, विधायक मांडू, भी घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि वे ग्रामीणों के साथ खड़े हैं और उनकी मांगों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि ग्रामीण विरोध स्वरूप शव को वन विभाग कार्यालय ले जाना चाहेंगे तो वे उसका समर्थन करेंगे।
वन विभाग ने मृतकों के परिजनों को सरकारी प्रावधान के तहत सहायता देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

Hazaribagh Elephant Attack: ग्राउंड रिपोर्ट भय और आक्रोश के बीच उम्मीद
गांव की एक महिला, जो हमले में बाल-बाल बची, ने बताया कि रात में अचानक तेज आवाज और घर टूटने की आहट से नींद खुली। बाहर निकलते ही हाथी सामने था। किसी तरह जान बचाकर भागी।
एक स्थानीय पुरुष ने बताया कि हाथी बेहद आक्रामक थे और लगातार घरों को तोड़ रहे थे। ग्रामीण पूरी रात दहशत में रहे।
यह घटना एक बार फिर मानव और वन्यजीव संघर्ष की गंभीर समस्या को सामने लाती है। प्रशासन के सामने अब चुनौती है कि हाथियों की आवाजाही वाले क्षेत्रों में स्थायी समाधान खोजा जाए, ताकि ऐसी त्रासदी दोबारा न हो।
शशांक शेखर हजारीबाग से
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