Hazaribagh Vidhansabha Chunav: हजारीबाग में भाजपा लगाएगी हैट्रिक या एक दशक बाद कांग्रेस लौटेगी? जानिए

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Hazaribagh Vidhansabha Chunav
Hazaribagh Vidhansabha Chunav: हजारीबाग में भाजपा लगाएगी हैट्रिक या एक दशक बाद कांग्रेस लौटेगी?
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Hazaribagh Vidhansabha Chunav: झारखंड में दो चरणों में विधानसभा का चुनाव हो रहा है। पहले चरण की वोटिंग 13 नवंबर को होगी और दूसरे चरण के लिए 20 नवंबर को मतदान होगा। ऐसे में हम आपके लिए ला रहे हैं, चुनाव की एक विशेष सीरीज, जिसमें आपको बताएंगे, झारखंड की सभी 81 सीटों की सियासी जानकारियां और चुनावी संभावनाएं। आज हजारीबाग विधानसभा के बारे में जानिए….

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हजारीबाग में कांग्रेस भाजपा में मुकाबला

हजारीबाग विधानसभा (Hazaribagh Vidhansabha Chunav), भाजपा का गढ़ रही है। पिछले 10 सालों से यहां भाजपा के विधायक रहे हैं। यहां पहले चरण में 13 नवंबर को वोटिंग होगी। इसके लिए नामांकन की प्रक्रिया 18 अक्टूबर से शुरू हो गयी है, जो 25 अक्टबूर तक चलेगी। नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख 30 अक्टूबर है और 23 नवंबर को सभी सीटों के साथ यहां भी वोटों की गिनती के साथ परिणाम जारी किया जाएगा। यहां मुख्य रूप से भाजपा प्रत्याशी प्रदीप प्रसाद और कांग्रेस प्रत्याशी मुन्ना सिंह के बीच मुकाबला है।

प्रदीप प्रसाद 2012 से राजनीति में सक्रिय हैं। हजारीबाग में उनकी जमीन व्यवसाय के रूप में पहचान है। 2014 में उन्होंने कांग्रेस के टिकट चुनाव लड़ा था, हालांकि उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। वहीं 2019 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने उन्हें टिकट नहीं दिया। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस को अलविदा कहकर भाजपा का दामन थाम लिया। लोकसभा चुनाव में उन्होंने बढ़ चढ़कर भाजपा के लिए काम किया।

वहीं कांग्रेस प्रत्याशी मुन्ना सिंह राजनीति में पिछले एक दशक से सक्रिय हैं। इन्होंने अपने राजनीतिक सफर की शुरूआत कांग्रेस से की थी। हालांकि 2019 में इन्हें भी कांग्रेस से टिकट नहीं मिला। इससे नाराज होकर इन्होंने कांग्रेस छोड़ दिया था और इस सीट से 2019 का विधानसभा चुनाव जेवीएम से लड़ा था। हालांकि 2019 चुनाव उन्हें हार का सामना करना पड़ा। 2021 में इन्होंने फिर से कांग्रेस में घर वापसी की।

Hazaribagh Vidhansabha Chunav: 2005 से अब तक का चुनावी परिणाम

2005 से अब तक के चुनाव परिणाम (Hazaribagh Vidhansabha Chunav) की बात करें तो इस सीट पर दो बार कांग्रेस और दो बार बीजेपी की जीत हुई है। 2005 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के सौरभ नारायण सिंह ने निर्दलीय उम्मीदवार ब्रज किशोर जायसवाल को हराया था। 2009 के विधानसभा चुनाव में भी इस सीट पर कांग्रेस की जीत हुई थी। उस दौरान कांग्रेस के सौरभ नारायण सिंह ने भाजपा के देव दयाल को हराया था।

वहीं 2014 और 2019 के विधानसभा में इस सीट पर बीजेपी की जीती हुई थी। 2014 के चुनाव में भाजपा के मनीष जायसवाल ने कांग्रेस के प्रदीप प्रसाद को हराया था। इस चुनाव में बीजेपी को इस सीट पर 44.46 प्रतिशत वोट मिला था। वहीं 2019 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के मनीष जायसवाल ने कांग्रेस के डॉ रामचंद्र प्रसाद को हराया था।

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