नवादा मामले को लेकर शर्मशार हुआ स्वास्थ्य महकमा, एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं, बहू बच्चे को बंधक रखने पर मिला स्ट्रेचर
22 Scope News Desk : नवादा मामले के सामने आने के बाद स्वास्थय विभाग शर्मशार हो गया है। ताजा मामला जिले के अकबरपुर प्राथमिक स्वास्थय केन्द्र का है जहां एक 75 वर्षीय महिला की मौत के बाद अस्पताल प्रबंध की लापरवाही सामने आई है। एबुलेंस नहीं मिलने पर परिवार को वृद्धा का शव स्ट्रेचर पर लादकर पैदल ही करीब दो किलोमीटर दूर घर ले जाना पड़ा।
इस घटना का वीडियो सामने आने पर स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल तो उठ ही रहा है सरकार की भी बदनामी और चौतरफा आलोचना हो रही है। वहीं विपक्ष को भी बैठे बिठाये एक मुद्दा मिल गया है।
परिजनो ने कहा एम्बुलेंस तो मिला नही, काफी मुनहार के बाद मिला स्ट्रेचर
मृतक महिला की पहचान अकबरपुर बाजार निवासी रामचन्द्र सहनी की पत्नी केशरी देवी के रूप में हुई है। जिसकी तबीयत बिगड़ने के बाद PHC में भर्ती कराया गया है। मौत के बाद परिजनों ने एंबुलेंस की गुहार लगाई थी लेकिन एंबुलेंस तो मिला ही नहीं स्ट्रैचर के लिये भी बच्चे और पत्नी को गिरवी रखने की बात कही गई।
परिजनों ने बताया कि उनकी बहू और पोते को गारंटी के तौर पर रखने के बाद ही स्ट्रेचर दिया गया। इसके बाद, परिवार शव को लेकर लगभग दो किलोमीटर तक चलकर अपने निवास स्थान तक पहुंचा। देर रात स्ट्रेचर वापस करने के बाद ही, उनके रिश्तेदारों को अस्पताल से छोड़ा गया।
मामले पर सिविल सर्जन ने दी सफाई
मामले पर सिविल सर्जन डॉ. विनोद चौधरी ने इस पर स्पष्टीकरण जारी किया। उन्होंने कहा कि ब्लॉक अस्पतालों में उपलब्ध 102 एम्बुलेंस सेवा विशेष रूप से मरीज़ों के लिए है, न कि शवों को ले जाने के लिए। उन्होंने यह भी जोड़ा कि सदर अस्पताल में शव वाहन उपलब्ध है, और अगर उन्हें मामले की सूचना दी गई होती तो इसकी व्यवस्था की जा सकती थी।
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