पटना : बिहार सरकार के स्वास्थ्य विभाग के मंत्री निशांत कुमार ने कहा कि केंद्र सरकार के ड्रग्स एंड वैक्सिन डिस्ट्रीब्यूशन मैनेजमेंट सिस्टम (DVDMS) पोर्टल के अनुसार, बिहार लगातार 22 वें महीने दवा आपूर्ति और वितरण के क्षेत्र में देश में पहले स्थान पर बना हुआ है। यह राज्य सरकार की स्वास्थ्य सुधार के प्रति प्रतिबद्धता और आमजन को गुणवत्तापूर्ण सेवा उपलब्ध कराने की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। बिहार सितम्बर 2024 से जून 2026 तक लगातार 22 महीने से देश में नंबर वन पर है। डीवीडीएमएस पोर्टल के अनुसार बिहार 80.32 अंकों के साथ पहले स्थान पर है। पंजाब 71.67 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर और राजस्थान 69.75 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर है।
मंत्री निशांत कुमार ने कहा- बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में वर्ष 2005 से राज्य में स्वास्थ्य सुधार की एक नई दिशा की शुरुआत हुई थी
मंत्री निशांत कुमार ने कहा कि बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में वर्ष 2005 से राज्य में स्वास्थ्य सुधार की एक नई दिशा की शुरुआत हुई थी। इसी क्रम में एक जुलाई 2006 को कैबिनेट की मंजूरी के बाद राज्य में मुफ्त दवा वितरण नीति लागू की गई। 2006 में केवल 47 प्रकार की दवाएं उपलब्ध थीं, जबकि वर्तमान में यह संख्या बढ़कर 504 हो चुकी है। इसके अतिरिक्त 20 अन्य प्रकार की दवाएं एवं 132 प्रकार के मेडिकल डिवाइसेज़/कन्ज्यूमेबल भी मुफ्त प्रदान किए जा रहे हैं। अब प्रदेश में अस्पतालों में आने वाले हर मरीज को आवश्यकतानुसार मुफ्त दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं। यह सुनिश्चित किया गया है कि जीवन रक्षक दवाओं से लेकर कैंसर, गठिया, अस्थमा, एलर्जी, रक्त थक्के और एंटी-एलर्जिक जैसी जटिल बीमारियों की दवाएं भी निःशुल्क मिलें।
‘राज्य के जिला अस्पतालों में मरीजों को 362 प्रकार, अनुमंडलीय अस्पतालों में 256 प्रकार व रेफरल अस्पतालों में 241 प्रकार की दवाइयां निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं’
मंत्री निशांत ने कहा कि राज्य के जिला अस्पतालों में मरीजों को 362 प्रकार की, अनुमंडलीय अस्पतालों में 256 प्रकार की, रेफरल अस्पतालों में 241 प्रकार की, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में 252 प्रकार की, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में 239 प्रकार की, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में 137 प्रकार की, अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रो में 139 प्रकार की और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों में 115 प्रकार की एवं स्वास्थ्य उपकेंद्रों में 25 प्रकार की दवाइयां मरीजों को निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं।
बिहार सरकार स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और डिजिटल सुविधाओं को लगातार बढ़ावा दे रही है – स्वास्थ्य मंत्री
स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने कहा कि बिहार सरकार स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और डिजिटल सुविधाओं को लगातार बढ़ावा दे रही है। इसी क्रम में अब मरीजों को सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध मुफ्त दवाओं की रियल-टाइम जानकारी उनके मोबाइल फोन पर मिल रही है। उन्होंने कहा कि राज्य के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) स्तर तक के सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में क्यूआर (QR) कोड लगाए गए हैं। अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीज इन क्यूआर कोड को अपने मोबाइल से स्कैन कर संबंधित अस्पताल में उपलब्ध मुफ्त दवाओं की सूची एवं उनकी रियल-टाइम उपलब्धता की जानकारी तुरंत प्राप्त कर सकते हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा- यह डिजिटल व्यवस्था मरीजों के समय की बचत करने के साथ-साथ दवा वितरण प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित कर रही है
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि यह डिजिटल व्यवस्था मरीजों के समय की बचत करने के साथ-साथ दवा वितरण प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित कर रही है। इससे मरीजों को यह स्पष्ट जानकारी मिल जाती है कि अस्पताल में कौन-कौन सी मुफ्त दवाएं उपलब्ध हैं, जिससे उन्हें बेहतर और सुविधाजनक स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त हो रही हैं। सरकार की प्राथमिकता हर नागरिक को बेहतर, सुलभ और निःशुल्क स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराना है, और इसमें बिहार लगातार नई ऊंचाइयां छू रहा है।
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