रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दिल्ली में महिला आरक्षण पर पत्रकारों से बातचीत की, जहां उन्होंने यह कहा कि वह हमेशा महिलाओं के अधिकारों के पक्ष में खड़े रहते हैं।
हालांकि, इस बिल का विषय ‘महिला आरक्षण बिल’ होते हुए भी, यह विश्वभर में चर्चा का विषय बन गया है, खासकर अपने नाम के संलग्न कारण। सीएम ने बताया कि आजकल महिलाएं समान भागीदारी की दिशा में बढ़ रही हैं और सरकार को उन्हें अधिकार देने का दायित्व है।
वह इस पर जोर देते हैं कि महिलाओं को अधिकार मिलने चाहिए। इस संबंध मे उन्हो ने आगे कहा कि उनके राज्य में त्रिस्तरीय व्यवस्था है, जिसमें महिलाओं को 50% की आरक्षण दी गई है, लेकिन फिर भी अधिकांश महिलाएं चुनकर नहीं आती हैं।
झारखंड विधानसभा में भी महिलाओं की सर्वाधिक भागीदारी है और वह यह बताते हैं कि राज्य सरकारें अपने स्तर पर काम कर रही हैं।
विधानसभा चुनावों के नजदीक होने के साथ ही यह महिला आरक्षण बिल प्रस्तुत किया गया है, और सीएम ने कहा है कि सरकार को महिलाओं के मुद्दे पर सभी को साथ लेकर विचार करना चाहिए ताकि यह प्रस्ताव सार्थक हो सके।




