Ranchi-मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की है. जेएमएम की ओर से इसे शिष्टाचार मुलाकात बताया जा रहा है. लेकिन झारखंड में ईडी के छापे, हेमंत सोरेन मुख्यमंत्री रहते खनन पट्टा लेना का आरोप, इस मामले में हाईकोर्ट में जारी सुनवाई, चुनाव आयोग की ओर से मामले में जवाब तलब और द्रौपदी मुर्मू के समर्थन पर झामुमो में उहापोह के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का अमित शाह से मिलने के कई राजनीतिक संदेश निकलते हैं. भले ही झामुमो की ओर से इसे शिष्टाचार मुलाकात बताया जा रहा हो, लेकिन क्या इन परिस्थितियों में सिर्फ शिष्टाचार मुलाकात कही जा सकती है. जानकारों का मानना है कि द्रौपदी मुर्मू को समर्थन देने के बदले हेमंत सोरेन कई राहत की मांग कर सकते हैं.

दरअसल द्रौपदी मुर्मू आदिवासी समुदाय संथाल से आती हैं, साथ ही वह झारखंड की राज्यपाल भी रही है, राज्यपाल रहते द्रौपदी मुर्मू का हेंमत सोरेन से रिश्ता ठीक -ठाक ही रहा. किसी मुद्दे पर कोई विशेष तकरार की स्थिति नहीं बनी. इस प्रकार हेमंत सोरेन के लिए द्रौपदी मुर्मू की उम्मीदवारी का विरोध करना मुश्किल भरा फैसला हो सकता है. उन पर संथाल विरोधी होना का ठप्पा भी लग सकता है. यही कारण है कि हेमंत सोरेन मल्लिकार्जुन खड़गे से भी मुलाकात की. माना जा रहा है कि हेमंत सोरेन इस बहाने दोनों दलों को अपनी स्थिति साफ करना चाहते हैं.




