झारखंड में हाइस्कूल शिक्षक नियुक्ति 2016: सरकार हाईकोर्ट आदेश के खिलाफ एलपीए दाखिल करेगी, 2034 पद अब भी रिक्त

झारखंड में 2016 हाईस्कूल शिक्षक नियुक्ति विवाद पर सरकार हाईकोर्ट आदेश के खिलाफ एलपीए दाखिल करेगी। 2034 पद रिक्त रहने से मामला फिर गरमाया।


रांची: झारखंड में वर्ष 2016 की हाईस्कूल शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया से जुड़ा विवाद एक बार फिर गहराने वाला है। राज्य सरकार ने हाईकोर्ट की एकल पीठ के आदेश के खिलाफ अब एलपीए (लेटर पेटेंट अपील) दाखिल करने का फैसला किया है। इसके लिए स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है और अपील में जाने के लिए ग्राउंड ऑफ अपील भी तैयार किया जा रहा है।

हाईकोर्ट का आदेश

एक सितंबर 2025 को झारखंड हाईकोर्ट की एकल पीठ ने स्नातक प्रशिक्षित शिक्षक संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा 2016 से जुड़ी 258 याचिकाओं पर सुनवाई की थी। अदालत ने पाया कि कई अभ्यर्थियों के अंक मेरिट लिस्ट के कट-ऑफ से अधिक होने के बावजूद उन्हें नियुक्ति नहीं दी गई। इसी आधार पर कोर्ट ने नियुक्ति प्रक्रिया की जांच के लिए हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जस्टिस डॉ. एसएन पाठक की अध्यक्षता में एक सदस्यीय फैक्ट फाइंडिंग कमेटी गठित करने का निर्देश दिया था।


 Key Highlights

  • 2016 की हाईस्कूल शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया पर 258 याचिकाओं की सुनवाई

  • 17,572 पदों में से 2,034 पद अब भी खाली

  • कोर्ट ने जांच के लिए रिटायर्ड जस्टिस एसएन पाठक की अध्यक्षता में कमेटी बनाई

  • अभ्यर्थियों का आरोप: कट-ऑफ से अधिक अंक होने के बावजूद नियुक्ति नहीं

  • सरकार का तर्क: आदेश लागू करना मुश्किल, इसलिए दाखिल होगा एलपीए


नियुक्ति प्रक्रिया और रिक्तियां

झारखंड सरकार ने वर्ष 2016 में हाईस्कूलों के 26 विषयों के लिए 17,572 शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की थी। इसकी जिम्मेदारी झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) को दी गई। लंबे इंतजार के बाद यह प्रक्रिया 2023 में पूरी हुई, लेकिन इसके बावजूद 2,034 पद खाली रह गए।

इन्हीं रिक्तियों को लेकर अभ्यर्थियों ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। उनका कहना था कि योग्य होने के बावजूद उन्हें नियुक्ति सूची में शामिल नहीं किया गया।

अभ्यर्थियों का पक्ष

याचिकाकर्ताओं का आरोप था कि जेएसएससी ने मनमाने तरीके से कट-ऑफ सूची जारी की। कई अभ्यर्थियों के अंक कट-ऑफ से अधिक थे, फिर भी उन्हें नियुक्ति से वंचित रखा गया। इसी आधार पर उन्होंने नियुक्ति की मांग अदालत में की थी।

सरकार का पक्ष

राज्य सरकार का मानना है कि हाईकोर्ट की एकल पीठ का आदेश व्यावहारिक रूप से लागू करना कठिन है। विभाग का कहना है कि अगर इसे उसी रूप में लागू किया गया तो नई जटिलताएं खड़ी होंगी। इसी वजह से अब सरकार ने एलपीए दाखिल करने का निर्णय लिया है ताकि इस विवाद का अंतिम समाधान निकाला जा सके।

आगे की राह

शिक्षक नियुक्ति विवाद झारखंड में वर्षों से राजनीतिक और कानूनी बहस का मुद्दा बना हुआ है। अब जब सरकार हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ अपील दायर करने जा रही है, तो इस मामले में एक बार फिर नई कानूनी जंग शुरू होने की संभावना है। अभ्यर्थियों की निगाहें अब एलपीए पर टिकी हैं, जो उनके भविष्य का फैसला करेगा।

Saffrn

Trending News

Corrugated Boxes Supplier in Jharkhand & West Bengal | Aarisha Packaging Solutions

Social Media

194,000FansLike
27,500FollowersFollow
628FollowersFollow
695,000SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img