Radha Govind University के हिंदी विभाग ने किया शैक्षणिक भ्रमण, सांस्कृतिक बोध और ऐतिहासिक समझ का हुआ विस्तार

Ramgarh: रामगढ़ (झारखंड) स्थित Radha Govind University के हिंदी विभाग द्वारा 30 एवं 31 जनवरी 2026 को आयोजित दो दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण बोधगया, राजगीर और नालंदा में अत्यंत सफल, सुव्यवस्थित एवं उद्देश्यपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। यह भ्रमण विद्यार्थियों को कक्षा-कक्ष की सीमाओं से बाहर निकालकर ज्ञान को प्रत्यक्ष अनुभव से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ।

विद्यार्थियों को बोधगया, राजगीर तथा नालंदा का भ्रमण कराया गया

इस शैक्षणिक यात्रा में हिंदी विभाग के स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर के विद्यार्थियों ने सहभागिता की। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को बोधगया, राजगीर तथा नालंदा जैसे ऐतिहासिक, धार्मिक एवं शैक्षणिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थलों को निकट से देखने और समझने का अवसर प्राप्त हुआ। बोधगया में भगवान बुद्ध से जुड़ी बौद्ध परंपरा, राजगीर की प्राचीन ऐतिहासिक विरासत तथा नालंदा के विश्वविख्यात प्राचीन विश्वविद्यालय के अवशेषों ने विद्यार्थियों को भारतीय ज्ञान-परंपरा की महानता से परिचित कराया।

कार्यक्रम सुरक्षित, अनुशासित और सुचारु रूप से संपन्न हुआ

भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को संबंधित स्थलों के ऐतिहासिक, साहित्यिक और सांस्कृतिक महत्व की जानकारी दी गई। विश्वविद्यालय प्रशासन की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही। इस आयोजन की सफलता का श्रेय विश्वविद्यालय के कुलाधिपति बी. एन. साह, विश्वविद्यालय सचिव प्रियंका कुमारी, कुलपति प्रो. (डॉ.) रश्मि तथा कुलसचिव प्रो. (डॉ.) निर्मल कुमार मंडल, वित्त एवं लेखा पदाधिकारी डॉ संजय कुमार, परीक्षा नियंत्रक प्रो (डॉ)अशोक कुमार एवं प्रबंध समिति सदस्य अजय कुमार को दिया गया, जिनके मार्गदर्शन एवं सहयोग से यह कार्यक्रम सुरक्षित, अनुशासित और सुचारु रूप से संपन्न हो सका।

कुलाधिपति बी. एन. साह ने क्या कहा

इस अवसर पर कुलाधिपति बी. एन. साह ने अपने संदेश में कहा कि शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के बौद्धिक, नैतिक और सांस्कृतिक विकास का सशक्त माध्यम है।  सचिव प्रियंका कुमारी ने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए अनुभव आधारित शिक्षा आवश्यक है। ऐसे भ्रमण छात्रों के आत्मविश्वास, अनुशासन और सामूहिक चेतना को सुदृढ़ करते हैं।

कुलपति प्रो. (डॉ.) रश्मि ने अपने वक्तव्य में कहा कि यह शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों में इतिहास, संस्कृति और साहित्य के प्रति गहरी समझ विकसित करने में पूर्णतः सफल रहा है। कुलसचिव प्रो. (डॉ.) निर्मल कुमार मंडल ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन सदैव शैक्षणिक गतिविधियों के सफल संचालन के लिए प्रतिबद्ध है। हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. मनमीत कौर ने अपने वक्तव्य में कहा कि इस शैक्षणिक भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय सांस्कृतिक विरासत, साहित्यिक परंपरा और ऐतिहासिक चेतना से प्रत्यक्ष रूप से जोड़ना था। विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता ने इस यात्रा को अत्यंत सफल बना दिया। भविष्य में भी विभाग ऐसे शैक्षणिक भ्रमण आयोजित करता रहेगा।

 

 

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