IAS Vinay Choubey: निलंबन खत्म होते ही IAS विनय चौबे की वापसी, झारखंड मंत्रालय में दिया योगदान; अब किस जिम्मेदारी की चर्चा?

IAS Vinay Choubey: शराब घोटाला मामले में आरोपी चर्चित आईएएस अधिकारी विनय कुमार चौबे निलंबन से मुक्त होने के बाद झारखंड सरकार के कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग में योगदान दे चुके हैं। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, सरकार की ओर से उन्हें निलंबन से मुक्त करने का आदेश जारी किया गया था। इसके बाद गुरुवार को उन्होंने विभाग में योगदान दिया। विनय चौबे के दोबारा सरकारी सेवा में योगदान के बाद झारखंड के प्रशासनिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। मंत्रालय में उनकी अगली जिम्मेदारी को लेकर भी कयास लगाए जा रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद जेल से बाहर आए IAS Vinay Choubey

विनय कुमार चौबे को शराब घोटाला मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने 20 मई 2025 को गिरफ्तार किया था। उस समय वह राज्य के उत्पाद सचिव के पद पर कार्यरत थे। उनके खिलाफ शराब घोटाले से संबंधित मामले में आरोप लगाए गए हैं। जांच एजेंसी के आरोपों के मुताबिक, उत्पाद नीति 2022 के तहत मैनपावर सप्लाई करने वाली कंपनियों को कथित तौर पर फर्जी बैंक गारंटी के आधार पर काम करने की अनुमति दी गई, जिससे सरकार को आर्थिक नुकसान हुआ। मामले में निर्धारित समय के भीतर चार्जशीट दाखिल नहीं होने के आधार पर विनय चौबे को एसीबी कोर्ट से जमानत मिली थी। इसके बाद अलग-अलग मामलों में भी उन्हें अदालत से राहत मिली।

चार अलग-अलग मामलों में दर्ज हैं केस

आईएएस अधिकारी विनय कुमार चौबे के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो की ओर से चार अलग-अलग मामले दर्ज किए गए थे। इनमें हजारीबाग वन भूमि घोटाला, जमीन ट्रांसफर, आय से अधिक संपत्ति और शराब घोटाले से संबंधित मामले शामिल हैं। हजारीबाग वन भूमि घोटाला मामले में उन्हें 1 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने की जानकारी सामने आई थी। इसके अलावा जमीन ट्रांसफर, आय से अधिक संपत्ति और शराब घोटाले से जुड़े मामलों में भी उन्हें अदालत से डिफॉल्ट बेल मिलने की बात कही गई है। विनय चौबे के खिलाफ जगन्नाथपुर थाने में भी एक मामला दर्ज है। हालांकि, विभिन्न मामलों में दर्ज आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के तहत होना है।

प्रशासनिक सेवा में संभाल चुके हैं कई महत्वपूर्ण पद

विनय कुमार चौबे 1999 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं। राज्य सरकार में अपने लंबे प्रशासनिक कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारी संभाली है। वे मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव के पद पर भी कार्य कर चुके हैं। इसके अलावा जल संसाधन, योजना-सह-वित्त और आबकारी जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी भी उनके पास रही है। प्रशासनिक अनुभव और महत्वपूर्ण विभागों में काम करने के कारण उनकी नई जिम्मेदारी को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है।

योगदान के बाद मंत्रालय में बढ़ी हलचल

निलंबन से मुक्त होने के बाद गुरुवार को झारखंड मंत्रालय में योगदान देने के साथ ही विनय चौबे को लेकर प्रशासनिक महकमे में हलचल बढ़ गई। अब नजर इस बात पर है कि सरकार उन्हें आगे कौन-सी जिम्मेदारी देती है। फिलहाल उन्होंने कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग में योगदान दे दिया है। उनकी अगली जिम्मेदारी को लेकर आधिकारिक स्तर पर कोई जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन प्रशासनिक गलियारों में उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने की चर्चा जरूर है।

यह भी पढ़ें: Jharkhand High Court Journalist Freedom: खबर छापना अपराध नहीं! झारखंड हाईकोर्ट ने पत्रकार की जिम्मेदारी पर दिया अहम फैसला

Bihar Flood 2026: बिहार बाढ़ पर CM सम्राट चौधरी का बड़ा...

Bihar Flood 2026, पटना: मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में बाढ़ 2026 की स्थिति और इससे...

Bobby Kumar Asian Games 2026: बिहार के बॉबी कुमार ने रचा...

Bobby Kumar Asian Games 2026, पटना: एशियन गेम्स 2026 में सेपकटकरा की मेंस क्वाड्रेट स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर उपलब्धि हासिल करने वाले बिहार...

Leshi Singh Electricity Schemes Review: पटना-नालंदा की बिजली योजनाओं पर लेशी...

Leshi Singh Electricity Schemes Review, पटना: भवन निर्माण विभाग की मंत्री श्रीमती लेशी सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को विश्वेश्वरैया भवन स्थित कार्यालय कक्ष...