खूंटी के स्पेशलाइज्ड इंडिया रिजर्व बटालियन में 22.46 लाख रुपये की फर्जी वेतन निकासी की CID जांच शुरू हुई है। एक आरोपी गिरफ्तार और दूसरा फरार है।
CID Jharkhand रांची: जिला कोषागारों से फर्जी वेतन निकासी के मामलों में अब खूंटी भी सीआइडी के रडार पर आ गया है। स्पेशलाइज्ड इंडिया रिजर्व बटालियन दो में 22.46 लाख रुपये की अवैध वेतन निकासी के मामले की जांच अब सीआइडी करेगी।
CID Jharkhand:फर्जी अस्थायी ID बनाकर तैयार किया गया वेतन
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी लेखापाल सिपाही शुभम कुमार ने सिस्टम में छेड़छाड़ कर फर्जी अस्थायी आईडी बनायी थी। आरोप है कि 2019 से 2021 के बीच करीब 28 किस्तों में 22.46 लाख रुपये का अवैध वेतन तैयार किया गया।
CID Jharkhand:एक आरोपी गिरफ्तार, दूसरा फरार
शुभम कुमार को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। उसका सहयोगी सिपाही अजीत कुमार फरार है। सीआइडी उसकी गिरफ्तारी के साथ अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
Key Highlights
- खूंटी में 22.46 लाख रुपये की अवैध वेतन निकासी।
- सीआइडी ने केस टेकओवर कर जांच शुरू की।
- शुभम कुमार गिरफ्तार, अजीत कुमार फरार।
- करीब 28 किस्तों में रकम निकाले जाने का आरोप।
- खूंटी कोषागार घोटाले की जांच वाला सातवां जिला बना।
CID Jharkhand:फर्जी निकासी में खूंटी बना सातवां जिला
खूंटी थाने में 21 मई 2026 को कोषागार पदाधिकारी शिव कुमार सिंह के बयान पर प्राथमिकी दर्ज हुई थी। सीआइडी ने केस टेकओवर कर इसे कांड संख्या 15 2026 के रूप में री रजिस्टर किया है।
बोकारो, हजारीबाग, चाईबासा, रांची, रामगढ़ और देवघर के बाद खूंटी सातवां जिला है जहां कोषागार से फर्जी वेतन निकासी के मामले की जांच सीआइडी कर रही है। बोकारो और हजारीबाग मामलों में सीआइडी चार्जशीट भी दाखिल कर चुकी है।


















