Dhanbad– आदिवासी सेंगेल अभियान के अध्यक्ष और पूर्व सांसद सालखन मुर्मू ने सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा के सुप्रीमो शिबू सोरेन और सीएम हेमन्त सोरेन पर आदिवासियों को ठगने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा है कि पिछले कई दशकों से इस परिवार के द्वारा आदिवासियों को ठगने का काम किया जाता रहा है.
आदिवासी विरोधी है सोरेन परिवार- पूर्व सांसद सालखन मुर्मू
सालखन मुर्मू ने कहा कि पांच बार झामुमो का शासन रहा, लेकिन आदिवासी समाज के विकास की की दिशा में कभी कोई काम नहीं हुआ. आदिवासी समाज में व्याप्त नशापान, अंधविश्वास, डायन प्रथा, वोट की खरीद-बिक्री, महिला विरोधी मानसिकता और गांव समाज में चालू आदिवासी स्वशासन व्यवस्था के नाम पर जनतंत्र और संविधान विरोधी क्रियाकलापों को रोक के बजाय झामुमो की ओर से इन चीजों को बढ़ावा जाता रहा.
झामुमो की बी-टीम है मांझी परगना, महाल, मानकी मुंडा समिति
सालखन मुर्मू ने कहा कि मांझी परगना, महाल, मानकी मुंडा समिति झामुमो की बी-टीम की तरह काम करती है. कुड़मी महतो को एसटी में शामिल करना असली आदिवासियों के साथ धोखा है, मूल आदिवासियों के लिए फांसी का फंदा है. आज कुड़मी को एसटी बना देंगे, कल अन्य जातियां इस तरह की मांग करेगी तो मूल आदिवासी कहां जायेगा.
1932 के नाम पर झुनझुना थमा रही है झामुमो
सालखन मुर्मु ने कहा कि हेमंत सोरेन की सरकार
1932 के खतियान के नाम पर सिर्फ झुनझुना थमाने का काम रही है.
झामुमो के कारण ही आज तक सरना धर्म कोड का मामला लटका हुआ है.
सालखन ने कहा कि झामुमो और तमाम आदिवासी विरोधी शक्तियों के खिलाफ
संघर्ष को निर्णायक बनाने के लिए भाजपा का सहयोग लिया जा सकता है,
बशर्ते भाजपा सरना धर्म कोड को मान्यता दे.
सेंगेल 30 नवंबर को सरना धर्म कोड के लिए पांच प्रदेशों में रेल-
रोड चक्का जाम की शुरुआत करने जा रही है.
20 वर्षों में सिर्फ घाव मिला,भरने में वक्त तो लगेगा- हेमंत
पिता पुत्र पांच बार मुख्यमंत्री रहें, बावजूद इसके नहीं बदली झारखंड की तस्वीर




