
गिरिडीह : झारखंड के गिरिडीह जिले के डुमरी प्रखंड से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। बलथरिया पंचायत में तैनात पंचायत सेवक सुखलाल महतो ने शुक्रवार को कीटनाशक खाकर आत्महत्या का प्रयास किया था। गंभीर स्थिति में उन्हें रांची के रिम्स (RIMS) में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि आत्महत्या से पहले उन्होंने एक पत्र लिखा था, जिसमें डुमरी के प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) समेत चार अधिकारियों पर उन्हें मीटिंग के दौरान अपमानित करने का गंभीर आरोप लगाया गया है।
मीटिंग में हुआ था अपमान, मानसिक दबाव में थे सुखलाल महतो
सूत्रों के मुताबिक शुक्रवार को प्रखंड कार्यालय में एक आंतरिक बैठक चल रही थी। इसी दौरान पंचायत सेवक सुखलाल महतो को कथित तौर पर बुरी तरह फटकारा गया और अपमानित किया गया। बैठक में मौजूद अधिकारियों का व्यवहार उनके प्रति अपमानजनक बताया गया है। इस मानसिक दबाव से टूट चुके सुखलाल ने वहीं से निकलने के बाद कीटनाशक खा लिया।
इलाज के लिए कई अस्पतालों में भटके परिजन
घटना के बाद आनन-फानन में उन्हें स्थानीय अस्पताल लाया गया, जहां से हालत बिगड़ने पर पहले धनबाद और फिर रांची के रिम्स रेफर किया गया। रिम्स के तीसरे तल्ले के ट्रॉमा सेंटर में उन्हें भर्ती किया गया था। लेकिन डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद सुखलाल महतो की जान नहीं बचाई जा सकी।
आत्महत्या से पहले छोड़ा था पत्र, BDO समेत चार पर गंभीर आरोप
इस मामले को और गंभीर बना देता है वो पत्र, जिसे सुखलाल ने आत्महत्या से पहले लिखा था। इस पत्र में उन्होंने प्रखंड विकास पदाधिकारी, पंचायत समिति के एक पदाधिकारी और दो अन्य अधिकारियों के नाम का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया है कि उन्हें लगातार अपमानित किया गया, मानसिक यातना दी गई, जिससे मजबूर होकर उन्हें यह आत्मघाती कदम उठाना पड़ा।
सांसद और विधायक भी पहुंचे रिम्स
घटना की जानकारी मिलते ही गिरिडीह के सांसद और डुमरी के विधायक रिम्स पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात की। विधायक ने राज्य सरकार से इस मामले में उच्च स्तरीय जांच की मांग की है और कृषि मंत्री को पत्र लिखकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
सिस्टम पर उठा बड़ा सवाल
सुखलाल महतो की मौत ने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़ा कर दिया है। क्या प्रशासनिक ढांचे में जूनियर कर्मचारियों के साथ ऐसा ही व्यवहार किया जाएगा? क्या मीटिंग के नाम पर मानसिक दबाव बनाना और अपमान करना अब आम होता जा रहा है? क्या अब अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी?
पूरे डुमरी में आक्रोश, पंचायत कर्मचारी संघ भी नाराज
इस घटना से पंचायती राज विभाग के कर्मचारियों में आक्रोश है। पंचायत सेवक संघ ने इस घटना की निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ एफआईआर और निलंबन की मांग की है। वहीं डुमरी प्रखंड में कामकाज ठप होने की आशंका भी जताई जा रही है।
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