प्रयागराज : महाकुंभ में श्रद्धालुओं के सैलाब से लगे महाजाम पर रेल मंत्री और यूूपी सरकार ने दिया बयान। महाकुंभ 2025 के लिए यहां 12 जनवरी को माघी पूर्णिमा से पहले बीते दो दिनों से लगातार उमड़ रहे श्रद्धालुओं के सैलाब का क्रम निरंतर तीसरे दिन सोमवार को भी बने रहे से बने हालात को लेकर तमाम तरह की खबरें फैलने लगी हैं।
सोमवार को ही देश की प्रथम नागरिक राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती नदियों के संगमस्थल त्रिवेणी में परिजनों संग डुबकी लगाई। ऐसे में जमीनी हकीकत को जानने के लिए खुद रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव प्रयागराज पहुंचे हैं।
रेल मंत्री ने रेल अधिकारियों संग कंट्रोल रूम में बैठकर सीसीटीवी फुटेज मिल रहे भीड़ के जीवंत फीडबैक को देखा और सबकुछ संतोषजनक मिलने पर बयान जारी किया। इसी बीच, मेला प्रबंधन और यूपी सरकार ने भी स्पष्ट किया है कि श्रद्धालुओं की भीड़ के आवागमन को ट्रेनों का संचालन नियमित रूप से जारी है और उनके बंद होने के किसी भी तरह के अफवाहों के फेर में पड़ने की जरूरत नहीं है।
रेल मंत्री और यूपी सरकार ने जाम पर दिया बयान
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 12 फरवरी माघी पूर्णिमा स्नान से पहले प्रयागराज रेलवे स्टेशन पर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि –‘रेलवे ने प्रयागराज महाकुंभ के लिए आठ रेलवे स्टेशनों पर सभी व्यवस्थाओं का ध्यान रखा है। राज्य प्रशासन के साथ मिलकर सब कुछ बहुत ही समन्वित तरीके से किया जा रहा है।
…कल प्रयागराज जंक्शन से 330 ट्रेनें रवाना हुईं और आज भी ट्रेनें व्यवस्थित तरीके से चल रही हैं। अगर कोई अफवाह फैलाने की कोशिश करता है, तो हम उनकी बात नहीं सुनना चाहते। सब कुछ व्यवस्थित तरीके से चल रहा है।’

इसी क्रम में यूपी सरकार के सूचना विभाग के निदेशक शिशिर कुमार ने भी बयान जारी किया है कि – ‘…सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि कुछ मीडिया हाउस द्वारा यह प्रचारित किया जा रहा है कि प्रयागराज जंक्शन को बंद कर दिया गया है। इस संबंध में यह अवगत कराना है कि प्रयाग जिला प्रशासन के आदेश अनुसार उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल का प्रयाग राज संगम स्टेशन दिनांक 9 फरवरी को अपराह्न 1:30 से दिनांक 14 फरवरी के रात्रि 12:00 बजे तक यात्री आवागमन के लिए बंद रहेगा ।
…साथ ही यह भी अवगत कराना है कि महाकुंभ क्षेत्र में आने वाले अन्य आठ स्टेशनों प्रयागराज छिवकी, नैनी, प्रयागराज जंक्शन, सूबेदारगंज, प्रयाग, फाफामऊ, प्रयागराज रामबाग एवं झूसी से नियमित और स्पेशल ट्रेनों का परिचालन नियमित रूप से चल रहा है।’

प्रयागराज में रोड, बस और ट्रेनों में भारी भीड़, चारों ओर लंबी कतारें…
महाकुंभ 2025 के लिए देश भर से लोग प्रयागराज बस, गाड़ी और ट्रेनों के जरिए पहुंच रहे हैं। ऐसे में यात्रियों को जाम के झाम से जूझना पड़ रहा है। महाकुंभ की वजह से प्रयागराज ही नहीं इसके आस-पास के जिलों में भी जाम की समस्या देखी जा रही है। वहीं यात्रियों को स्टेशन पर भी समस्या हो रही है।
आज सुबह तीन बजे से ही स्नान जारी है। जिसके चलते प्रयागराज आने और जाने वाले रास्तों पर जाम देखा जा रहा है। सड़कों पर वाहनों और पैदल चलने वाले यात्रियों को मिनटों की दूरी घंटों में तय करनी पड़ रही है। श्रद्धालु कई किलोमीटर पैदल चल रहे हैं। माघ पूर्णिमा से पहले महाकुंभ में महाजाम की स्थिति देखी जा रही है।
फाफामऊ, झूंसी, नैनी, वाराणसी-प्रयागराज रोड यानी जीटी रोड (सुलेम सराय) में जगह जगह जाम लगा हुआ है। सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थम गई है। तो वहीं सड़कों पर चलने वाले यात्री घंटों में घाटों तक पहुंच रहे हैं। प्रयागराज-मिर्जापुर हाईवे पर करछना से जाम की स्थिति बनी हुई है।
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, ओडीशा, गुजरात, महाराष्ट आदि से आने वाले वाहनों को करछना की ओर डायवर्ट करने से यह स्थिति बनी हुई है। वाराणसी, जौनपुरी, कानपुर, रीवा-बांदा, अयोध्या-प्रतापगढ़ मार्ग पर भी 10-10 किमी तक वाहन सुबह से रेंग रहे हैं।
गनीमत यही है कि तत्काल आपात व्यवस्था वाले वैकल्पिक योजना को अमल लाते हुए श्रद्धालुओं के सैलाब को निरंतर गतिमान बनाए रखने पर काम जारी है। आलम यह है कि हर घंटे हजारों वाहन वाराणसी, लखनऊ, कानपुर, कौशांबी, मिर्जापुर, रीवां, जौनपुर, प्रतापगढ़ की ओर से प्रयागराज आ रहे हैं। पुलिस प्रशासन को कई बार भदोही में लालानगर टोल प्लाजा को फ्री करना पडा। फिर भी लोग कई किलोमीटर तक पैदल चल रहे हैं।
मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या और बसंत पंचमी अमृत स्नान के समाप्त होने और नागा साधुओं की संगम क्षेत्र से विदाई के बाद माना जा रहा था कि भीड़ कम होगी। बीते 5 फरवरी तक संगम नगरी में VIP प्रोटोकॉल को बंद कर दिया गया था।
लेकिन, PM नरेंद्र Modi के 5 फरवरी को संगम में स्नान के बाद से लगातार VIP मूवमेंट फिर से बढ़ गया है। हर रोज कोई न कोई VVIP संगम स्नान के लिए पहुंच रहा है। VIP प्रोटोकॉल लागू होने के कारण भी प्रयागराज शहर में जाम जैसी स्थिति बन रही है।

प्रयागराज में हालात को काबू में रखने को आपात व्यवस्थाएं की गईं लागू…
महाकुंभ में संगम स्नान को लेकर श्रद्धालुओं – तीर्थयात्रियों के आस्था के ज्वार के चलते लगातार तीसरे दिन बने महाजाम में फंसे प्रयागराज में पहले से ही तैयार आपातकालीन व्यवस्थाओं को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। मकसद यह है कि भीड़ के प्रवाह को निरंतर गतिमान रखते हुए किसी भी स्थान पर विशेष दबाव न बनने दिया जाए जिससे की हालात लगातार नियंत्रित रहे और क्रमश: भीड़ का दबाव धीरे-धीरे कम होता रहे।
बीते रविवार शाम को प्रयागराज जंक्शन की तरफ भीड़ बढ़ने लगी तो रेलवे के साथ पुलिस-प्रशासन सतर्क हुआ। प्रयागराज जंक्शन पर मौनी अमावस्या वाली इमरजेंसी योजना लागू कर दी गई। भीड़ को सीधे जंक्शन पहुंचने से रोका गया। उन्हें खुसरोबाग में डायवर्ट किया गया। भीड़ को देखते हुए ऑन डिमांड ट्रेनें चलाई गई।
मकर संक्रांति से अधिक विशेष ट्रेनों का संचालन रविवार को करना पड़ा। मकर संक्रांति स्नान पर्व पर 101 विशेष ट्रेनें चलाई गई थी। वहीं, रविवार को 107 विशेष ट्रेनों का संचालन किया गया। रेलवे ने प्रयागराज संगम रेलवे स्टेशन को 14 फरवरी तक बंद कर दिया है। भीड़ नियंत्रण को लेकर यह फैसला लिया गया।
दरअसल, रविवार को बिना किसी स्नान पर्व के ही भीड़ उमड़ने की स्थिति को लेकर यह व्यवस्था की गई। उत्तर रेलवे के सीनियर डीसीएम कुलदीप तिवारी ने कहा कि प्रशासन से बातचीत के बाद रेलवे ने संगम स्टेशन को बंद करने का फैसला लिया।

तालमेल की कमी, जानकारी का अभाव और पार्किंग फुल होने से लगा महाजाम…
महाकुंभ 2025 में आज लगातार तीसरे श्रद्धालुओं – तीर्थयात्रियों के सैलाब के भारी दबाव से भयंकर महाजाम में फंसे प्रयागराज के हालात के पीछे कुछ खास कारण भी सामने आए हैं। सबसे अहम तो यह कि सड़कों पर फंसे श्रद्धालुओं को सही सूचना नहीं मिल रही है। सही रास्ता बताने के लिए साइनेज का अभाव है। इस कारण वाहन चालक एक-दूसरे को देखते हुए आगे बढ़ते जाते हैं।
भीड़ बढ़ने पर बैरिकेडिंग लगाकर भीड़ को रोक दिया जाता है। अगर समय से स्थिति को नियंत्रित करें तो हालात काबू में रहेंगे। प्रयागराज मेला प्रशासन की ओर से अमृत स्नान के समय में पड़ोसी जिलों के साथ तालमेल बैठाकर भीड़ को नियंत्रित किया गया। लेकिन, अब वाहनों को बॉर्डर पर रोकने की कोई कार्ययोजना नहीं है। इससे शहर में वाहनों का दबाव लगातार बढ़ रहा है।
अब शहर में दबाव बढ़ा है तो समीप के जिला प्रशासन से वाहनों को रोकने की सूचना भेजी जा रही है। प्रयागराज महाकुंभ मेला को लेकर लगाए गए पुलिस, पीएसी के जवान और अर्द्धसैनिक बल दूसरे स्थानों से आए हैं। उन्हें महाकुंभ मेला क्षेत्र का भौगोलिक ज्ञान कम है। इस कारण जब भी कोई श्रद्धालु कुछ भी पूछता है तो धीरे-धीरे आगे बढ़ते रहें। यही जवाब मिलता है। इससे श्रद्धालु भी कई बार एक स्थान पर ठहर जाते हैं।
प्रयागराज को अन्य इलाकों से जोड़ने वाले सभी सात प्रमुख सड़कों पर 102 पार्किंग स्थल बनाए गए थे। तीनों स्नान पर्व खत्म होने के बाद इनकी संख्या घटाकर 36 कर दी गई। हालांकि, बसंत पंचमी के बाद भी तीर्थयात्रियों का दबाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। सड़कों पर वाहनों के आ जाने से जाम जैसी स्थिति बनी हुई है।
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