New Delhi : राजधानी नई दिल्ली में जीएसटी दर युक्तिकरण पर विचार-विमर्श में आठ राज्यों अर्थात् हिमाचल प्रदेश, झारखंड, कर्नाटक, केरल, पंजाब, तमिलनाडु, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल के मंत्रियों और प्रतिनिधियों ने भाग लिया। झारखंड के तरफ से इसमें वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर शामिल हुए।
उपस्थित सभी मंत्रियों और प्रतिनिधियों ने सरकार के मौजूदा प्रस्ताव के तहत सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों और विकासात्मक व्यय में व्यवधान के कारण होने वाली भारी राजस्व हानि पर गंभीर चिंता व्यक्त की। कर कटौती का लाभ आम लोगों को मिलना चाहिए और इससे कीरिंग जैसी समस्या नहीं होनी चाहिए।
New Delhi : जीएसटी दर युक्तिकरण प्रक्रिया के परिणाम सभी हितधारकों के लिए लाभकारी हों
इसके बाद बैठक में उपस्थित आठ राज्य सरकारों के मसौदा प्रस्ताव पर गहन विचार-विमर्श किया गया। विचार-विमर्श के बाद, इस बात पर आम सहमति बनी कि मसौदा प्रस्ताव जीएसटी दर को युक्तिसंगत बनाने के साथ-साथ राज्यों के राजस्व हितों की रक्षा के लिए न्यूनतम होगा।
सभी आठ राज्य केंद्र सरकार और अन्य राज्य सरकारों के साथ मिलकर काम करने के लिए उत्सुक हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि जीएसटी दर युक्तिकरण प्रक्रिया के परिणाम सभी हितधारकों के लिए लाभकारी हों।
यह संयुक्त रूप से निर्णय लिया गया कि जीएसटी परिषद से अनुरोध किया जाए कि वह इस मामले को आगामी जीएसटी परिषद की बैठक के एजेंडे में रखे तथा अन्य सभी राज्यों के साथ-साथ केंद्र सरकार से भी इस प्रस्ताव का समर्थन करने का आग्रह किया जाए।
New Delhi : जीएसटी के बदलाव से आम जनता को कोई फायदा नहीं होने वाला है-राधाकृष्ण किशोर
इस इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले के प्राचीर से यह घोषणा की थी कि जीएसटी में चार में से अब दो ही स्लैब रखे जाएंगे। जस्टिस काउंसलिंग की एक बड़ी बैठक नई दिल्ली में तीन से चार तारीख का आयोजित की जाएगी जिसमें नई जीएसटी के नियमों में बदलाव किया जाएगा
इसको लेकर झारखंड के वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने कहा कि जीएसटी के बदलाव से आम जनता को कोई फायदा नहीं होने वाला है यह सिर्फ सरकार खासकर झारखंड को नुकसान दे रहा है पिछले 8 सालों में राज्यों के क्या रेवेन्यू रही यह रिपोर्ट बयां करती है वह तो गाड़ी में आएगा।
दीपक कुशवाहा की रिपोर्ट—
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