जामताड़ा: जामताड़ा में कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. इरफान अंसारी की ओर से नामांकन के बाद दिए गए कथित अमर्यादित बयानों के मामले में जांच प्रक्रिया तेज कर दी गई है। जिले के उपायुक्त कुमुद सहाय ने राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (एनसीएसटी) रांची के अनुसंधान अधिकारी प्रदीप कुमार दास को जांच रिपोर्ट सौंप दी है।

रिपोर्ट के अनुसार, एसडीपीओ विकास आनंद लागोरी द्वारा की गई जांच में पाया गया कि डॉ. इरफान के मीडिया में दिए गए बयान से संबंधित एक वीडियो क्लिप की सत्यता की जांच के लिए 25 अक्टूबर को जामताड़ा के बीडीओ सह एआरओ प्रवीण चौधरी को निर्देशित किया गया था। उनके द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट के आधार पर जामताड़ा थाना में 26 अक्टूबर को धारा-223 बीएनएस के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।

बीडीओ की ओर से जामताड़ा के थानेदार को लिखे गए पत्र में कहा गया है कि नोडल पदाधिकारी सह एसडीओ जामताड़ा द्वारा भेजे गए वीडियो क्लिप का अवलोकन किया गया। इस वीडियो में डॉ. इरफान के द्वारा दिए गए बयानों में प्रथम दृष्टया भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा-163 के तहत जारी निषेधाज्ञा की कंडिका-8 का उल्लंघन प्रतीत हो रहा है, जिसके चलते संबंधित धारा के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।अभी इस मामले की जांच जारी है, और इससे जुड़ी घटनाओं पर सभी की नजर बनी हुई है।







