रांची: JAC 10वीं बोर्ड परीक्षा के पेपर लीक मामले में गिरिडीह से गिरफ्तार छह आरोपियों की रिमांड शनिवार को समाप्त हो गई। सभी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। वहीं, कोडरमा पुलिस ने शनिवार को जमुआ निवासी प्रिंस कुमार राणा और उसके मौसेरे भाई प्रशांत साहा को भी गिरफ्तार किया है।
350 रुपए में बेचा जा रहा था प्रश्नपत्र
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने कई खुलासे किए हैं। गिरफ्तार प्रशांत साहा ने बताया कि उसके मौसेरे भाई प्रिंस कुमार राणा ने उसे प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया था। वहीं, प्रिंस राणा ने स्वीकार किया कि उसने 350 रुपए लेकर सोशल मीडिया पर पेपर वायरल किया था। गिरिडीह और कोडरमा में प्रिंस ग्रुप नाम से एक नेटवर्क बनाया गया था, जो प्रश्नपत्र बेच रहा था।
कैसे हुआ पेपर लीक?
- आरोपी प्रिंस कुमार राणा खुद 10वीं बोर्ड का छात्र है, जबकि दूसरा आरोपी प्रिंस कुमार गिरिडीह कॉलेज में सेमेस्टर वन का छात्र है।
- 7 फरवरी की शाम को ही इन्हें JAC 10वीं बोर्ड का हिंदी और विज्ञान का प्रश्नपत्र मिल गया था।
- जमुआ के प्रिंस कुमार राणा की दोस्ती अंशु पांडेय से थी, जिसने उसे प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया।
- आरोपियों ने “JAC 10वीं बोर्ड परीक्षा पेपर” नाम से एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया, जिसमें 164 सदस्य थे।
- पेपर खरीदने के लिए क्यूआर कोड के जरिए पहले 350 रुपए जमा करवाए जाते थे, फिर निजी नंबर पर प्रश्नपत्र भेजा जाता था।
पुलिस की कार्रवाई जारी
गिरिडीह और कोडरमा पुलिस अब इस रैकेट से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है। पुलिस का मानना है कि इस लीक में और भी लोग शामिल हो सकते हैं। गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल की जांच की जा रही है, ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचा जा सके।
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