Jadugoda Protest: मंगलवार को पूर्वी सिंहभूम के जादूगोड़ा मोड़ चौक पर ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया और पोटका के विधायक संजीव सरदार का पुतला फूंका। विरोध के दौरान, उन्होंने नारे लगाकर अपनी नाराजगी जताई और इलाके में चल रही विकास परियोजनाओं पर सवाल उठाए।
रंकिनी मंदिर विकास परियोजना पर आपत्ति
विरोध कर रहे ग्रामीणों का कहना है कि जादूगोड़ा का रंकिनी मंदिर, बड़ा झरना पहाड़ी और रोहनीबेड़ा इलाका ‘पांचवीं अनुसूची’ (Fifth Schedule) के तहत आते हैं, जहाँ PESA (अनुसूचित क्षेत्रों में पंचायतों का विस्तार) कानून लागू है। उनका आरोप है कि ग्राम सभा की सहमति के बिना रंकिनी मंदिर परिसर में पर्यटन विभाग की लगभग ₹19 करोड़ की विकास परियोजना पर काम किया जा रहा है।
ग्राम सभा की सहमति न लेने का आरोप
ग्रामीणों का दावा है कि उन्होंने इस मुद्दे पर विधायक संजीव सरदार से कई बार दखल देने की मांग की, लेकिन उनकी शिकायतों पर कोई उचित कार्रवाई नहीं हुई। इसी के विरोध में उन्होंने प्रदर्शन किया और पुतला फूंका। प्रदर्शनकारियों ने जोर देकर कहा कि पांचवीं अनुसूची वाले इलाकों में विकास कार्यों के लिए ग्राम सभा की सहमति अनिवार्य है और इस नियम का पालन किया जाना चाहिए।

PESA कानून के पालन की मांग
विरोध प्रदर्शन के दौरान, ग्रामीणों ने पांचवीं अनुसूची और PESA कानून के प्रावधानों का पूरी तरह पालन करने की मांग की। उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं में स्थानीय ग्राम सभाओं की भागीदारी होनी चाहिए और आदिवासी समुदाय के अधिकारों का सम्मान किया जाना चाहिए।

प्रशासनिक दखल की मांग
ग्रामीणों ने संबंधित प्रशासन और विभाग से पूरे मामले की समीक्षा करने और विकास परियोजनाओं को लागू करते समय कानूनी प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित करने का आग्रह किया। फिलहाल, इस मुद्दे पर संबंधित पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
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