Jharkhand High Court: बोकारो की लापता नाबालिग की तलाश अब CBI करेगी, झारखंड हाईकोर्ट ने जांच सौंपी

 बोकारो से 2020 में लापता 14 वर्षीय नाबालिग की तलाश अब सीबीआई करेगी। झारखंड हाईकोर्ट ने अंतरराज्यीय सुराग और डिजिटल ट्रेल के चलते जांच सौंपी।


Jharkhand High Court रांची: बोकारो से लापता 14 वर्षीय नाबालिग की तलाश अब केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सीबीआई करेगी। झारखंड हाईकोर्ट ने मामले की जांच सीबीआई को सौंपने का आदेश दिया है। कोर्ट ने मामले की जटिलता, अंतरराज्यीय सुराग, डिजिटल ट्रेल और उन्नत तकनीकी संसाधनों की आवश्यकता को देखते हुए केंद्रीय एजेंसी से जांच कराना जरूरी बताया।

मामले की सुनवाई जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस संजय प्रसाद की खंडपीठ में हुई। कोर्ट ने झारखंड सीआईडी के एडीजी को पूरे केस का रिकॉर्ड तत्काल सीबीआई के रांची स्थित ईस्टर्न जोन के संयुक्त निदेशक को सौंपने का निर्देश दिया है। राज्य सरकार और सीआईडी ने भी सीबीआई को हर स्तर पर बिना शर्त पूरा सहयोग देने की बात कही है।

Jharkhand High Court:दिल्ली, तेलंगाना और बंगाल से जुड़े डिजिटल सुराग

राज्य सरकार की ओर से हाईकोर्ट में दाखिल हलफनामे में कहा गया कि जांच के दौरान बच्ची के मामले में अंतरराज्यीय और अंतर सीमा तस्करी की आशंका सामने आयी है। जांच में दिल्ली, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल से जुड़े डिजिटल सुराग भी सामने आए हैं।

इन सुरागों की जांच के लिए अत्याधुनिक तकनीकी संसाधनों की आवश्यकता है। कोर्ट ने इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए मामले की जांच सीबीआई को सौंपने का निर्णय लिया है। अब केंद्रीय एजेंसी पूरे मामले की नए सिरे से जांच करेगी।


Key Highlights

  1. बोकारो से 2020 में लापता 14 वर्षीय नाबालिग की जांच अब सीबीआई करेगी।

  2. झारखंड हाईकोर्ट ने मामले की जटिलता और अंतरराज्यीय सुरागों को देखते हुए फैसला लिया।

  3. दिल्ली, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल से जुड़े डिजिटल सुराग जांच में सामने आए हैं।

  4. झारखंड में उन्नत गेट एनालिसिस तकनीक उपलब्ध नहीं होने की बात सरकार ने कोर्ट में कही।

  5. सीबीआई को 27 अक्तूबर तक जांच की प्रगति से हाईकोर्ट को अवगत कराना होगा।


Jharkhand High Court:झारखंड में नहीं है उन्नत गेट एनालिसिस सुविधा

सीबीआई को जांच सौंपने के पीछे राज्य में उपलब्ध तकनीकी संसाधनों की कमी भी एक प्रमुख कारण बनी। राज्य सरकार ने कोर्ट को बताया कि गेट एनालिसिस टेक्नोलॉजी जैसे उन्नत वैज्ञानिक जांच संसाधन फिलहाल झारखंड में उपलब्ध नहीं हैं।

ऐसे में मामले में सामने आए डिजिटल और अन्य तकनीकी सुरागों की वैज्ञानिक तरीके से जांच के लिए केंद्रीय एजेंसी की विशेषज्ञता और संसाधनों की जरूरत महसूस की गयी। हाईकोर्ट ने भी मामले की गंभीरता और जटिलता को देखते हुए सीबीआई जांच को उचित माना।

Jharkhand High Court:2020 से लापता है बच्ची, अब CBI को देनी होगी प्रगति रिपोर्ट

करीब 14 वर्षीय बच्ची 16 अक्तूबर 2020 को सुबह लगभग 10:45 बजे लापता हुई थी। उसी दिन थाने में प्राथमिकी दर्ज की गयी थी। जिला पुलिस ने मामले की जांच की, लेकिन बच्ची का पता नहीं चल सका। बाद में मामला सीआईडी तक पहुंचा, लेकिन अब तक कोई ठोस सफलता नहीं मिली।

दो जुलाई को महाधिवक्ता ने मामले में सीबीआई को शामिल करने पर सहमति जतायी थी। इसके बाद सीबीआई निदेशक को मामले में पक्षकार बनाया गया। अब हाईकोर्ट ने सीआईडी को केस रिकॉर्ड सीबीआई को सौंपने का निर्देश दिया है।

कोर्ट ने सीबीआई को 27 अक्तूबर तक हलफनामा दाखिल कर जांच में हुई प्रगति से अवगत कराने को कहा है। साथ ही कोर्ट ने मामले को मीडिया में इंटरव्यू देकर प्रचारित नहीं करने की भी सलाह दी है।

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