जल जीवन मिशन: झारखंड के 45% घर अब भी शुद्ध पेयजल से वंचित

रांची: झारखंड में जल जीवन मिशन के तहत हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने का दावा किया गया है, लेकिन हकीकत इससे काफी दूर नजर आ रही है। राज्य के 62.54 लाख घरों में से केवल 34.16 लाख घरों तक ही नल से जल पहुंचाने का काम पूरा हुआ है।

पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अनुसार, झारखंड में 29,398 गांव इस योजना के तहत चिह्नित किए गए हैं। इनमें से 4,442 गांवों के हर घर में नल से जल पहुंचाने का दावा किया गया है, लेकिन इनमें से भी 2,167 गांवों को ही अधिकारियों ने सत्यापित किया है। अब केंद्र सरकार की थर्ड पार्टी एजेंसी इन गांवों का सर्वे कर वास्तविकता की जांच करेगी।

हाल ही में थर्ड पार्टी सर्वे के दौरान गिरिडीह के परगो तलैया और रांची के हरातू गांव में अनियमितताएं सामने आईं। इन गांवों में योजना को पूरा बता कर राशि निकाल ली गई, जबकि एक भी घर में नल से जल नहीं पहुंचा है। इस मामले की जांच अभी जारी है।

राज्य के 22,940 गांवों में योजनाएं अभी क्रियान्वित हैं, जबकि 233 गांवों में काम अब तक शुरू नहीं हो पाया है। 2019 में शुरू की गई यह महत्वाकांक्षी योजना 31 दिसंबर को समाप्त हो रही है, लेकिन अभी भी 45% घर शुद्ध पेयजल से वंचित हैं।

सरकारी दावों और जमीनी हकीकत के बीच की यह खाई, योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर सवाल खड़े करती है।

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