Koderma: शैक्षणिक भ्रमण पर राजगीर जा रही जवाहर नवोदय विद्यालय कोडरमा की छात्राओं से भरी एक बस शनिवार को कोडरमा घाटी के नौवां माइल के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में दो दर्जन से अधिक छात्राएं घायल हुईं, जिनका इलाज कोडरमा सदर अस्पताल में चल रहा है।
ओवरटेक के दौरान हादसा, बस खाई में जा गिरी:
विद्यालय के प्राचार्य अमिताभ कुमार ने बताया कि कक्षा 11वीं के कुल 75 छात्र-छात्रियों को पीएम श्री योजना के तहत शैक्षणिक भ्रमण पर राजगीर ले जाया जा रहा था। छात्राओं से भरी बस जब नौवां माइल क्षेत्र से गुजर रही थी, तभी बस चालक ने आगे चल रहे एक ट्रक को ओवरटेक करने का प्रयास किया। इसी दौरान बस ट्रक के पिछले हिस्से से टकरा गई और सड़क किनारे स्थित खाई में जा गिरी। हादसा होते ही बस में मौजूद छात्राओं में चीख-पुकार मच गई। उनका सामान चारों ओर बिखर गया और कई छात्राएं खाई में गिरने से चोटिल हो गईं।
एम्बुलेंस और पुलिस तुरंत पहुंची, सभी छात्राएं अस्पताल में भर्ती:
घटना की सूचना मिलते ही कोडरमा पुलिस की पेट्रोलिंग टीम, एम्बुलेंस और स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। घायलों को निकालकर उन्हें सदर अस्पताल कोडरमा ले जाया गया, जहां सभी का इलाज जारी है। हादसे की जानकारी मिलते ही दूसरी बस में मौजूद छात्र और शिक्षक भी तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और घायलों को अस्पताल पहुंचाने में मदद की।
दुर्घटना के बाद शैक्षणिक भ्रमण रद्दः
प्राचार्य अमिताभ कुमार ने बताया कि हर वर्ष बच्चों को शैक्षणिक भ्रमण पर ऐतिहासिक स्थलों की जानकारी दी जाती है, लेकिन इस दुर्घटना के बाद भ्रमण कार्यक्रम तत्काल रद्द कर दिया गया और सभी छात्रों को वापस विद्यालय भेज दिया गया। घायल छात्राओं ने बताया कि कुछ समझ नहीं आया, अचानक बस खाई में गिरी।
घायल छात्रा सानिया कुमारी ने बताया कि वे सभी इस भ्रमण को लेकर बेहद उत्साहित थीं। लेकिन घाटी में बस अचानक जोरदार आवाज के साथ ट्रक से टकरा गई और पलटकर खाई में गिर गई। छात्राओं ने बताया कि हमें कुछ समझ नहीं आया। हम सब चिल्लाने लगे। आगे वाली बस के छात्र और शिक्षक आए और हमें बाहर निकाला।
डीसी ऋतुराज अस्पताल पहुंचे, चिकित्सकों को दिए कई निर्देशः
हादसे की खबर मिलते ही कोडरमा के उपायुक्त ऋतुराज सहित कई वरिष्ठ अधिकारी सदर अस्पताल पहुंचे और सभी घायल छात्राओं का हालचाल जाना। डीसी ने कहा कि कुछ छात्राओं को गंभीर चोटें आई हैं, लेकिन अधिकतर को मामूली खरोंचें और हल्की चोटें हैं। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को बेहतर उपचार सुनिश्चित करने, स्वास्थ्य की निरंतर निगरानी करने और किसी भी आपात स्थिति के लिए तैयारी रखने के निर्देश दिए।
रिपोर्टः अमित कुमार
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