Jharkhand Cabinet News: पेसा नियमावली प्रस्ताव लौटा, तीन विभागों से दोबारा मांगा जाएगा मंतव्य

jharkhand Cabinet ने PESA Rules का प्रस्ताव Panchayati Raj Department को वापस भेजा है। तीन विभागों से दोबारा मंतव्य लेकर नया प्रस्ताव भेजा जाएगा।


Jharkhand Cabinet News:  रांची: झारखंड सरकार की कैबिनेट ने पेसा (PESA) नियमावली से संबंधित प्रस्ताव को फिलहाल मंजूरी नहीं दी है और इसे पंचायती राज विभाग को वापस भेज दिया है। दरअसल, सात विभागों ने प्रस्ताव पर अपने मंतव्य समय पर नहीं भेजे थे, जिसके कारण कैबिनेट ने यह निर्णय लिया।

अब पंचायती राज विभाग नए सिरे से पेसा नियमावली का संशोधित प्रस्ताव तैयार कर कैबिनेट को पुनः भेजेगा। विभाग ने पुष्टि की है कि गृह विभाग को छोड़कर बाकी छह विभागों ने अपना मंतव्य भेज दिया है।


Key Highlights:

  • झारखंड कैबिनेट ने पेसा नियमावली से जुड़ा प्रस्ताव पंचायती राज विभाग को वापस भेजा

  • सात विभागों में से छह ने अब तक अपना मंतव्य भेजा, गृह विभाग का जवाब लंबित

  • तीन विभागों से नई नियमावली पर दोबारा मांगा जाएगा मंतव्य

  • सभी मंतव्य मिलने के बाद फिर से कैबिनेट को भेजा जाएगा प्रस्ताव

  • अनुसूचित क्षेत्रों में पेसा अधिनियम 1996 को प्रभावी बनाने की तैयारी जारी


Jharkhand Cabinet News:  तीन विभागों से दोबारा मांगा जाएगा मंतव्य

विभागीय सूत्रों के अनुसार, पंचायती राज विभाग अब कृषि, राजस्व और एक अन्य विभाग से नई नियमावली पर दोबारा मंतव्य मांगेगा। इन विभागों ने पहले पुरानी नियमावली पर अपनी राय दी थी, लेकिन संशोधित ड्राफ्ट पर अब पुनः अभिमत आवश्यक है।

सभी विभागों से उत्तर प्राप्त होने के बाद, प्रस्ताव फिर से कैबिनेट की स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। इसमें लगभग 15 कार्य दिवस लगने का अनुमान है।

Jharkhand Cabinet News:  मुख्यमंत्री ने ली थी पहल

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस विषय पर पहले ही गंभीर पहल करते हुए बैठक की थी और सभी संबंधित विभागों को शीघ्र मंतव्य देने का निर्देश दिया था। उनके हस्तक्षेप के बाद ही प्रक्रिया में तेजी आई।

Jharkhand Cabinet News:  पेसा नियमावली का उद्देश्य

राज्य के अनुसूचित क्षेत्रों में पंचायती राज व्यवस्था को पेसा अधिनियम, 1996 के अनुरूप प्रभावी बनाना इस नियमावली का प्रमुख उद्देश्य है।
PESA Act (Panchayats Extension to Scheduled Areas Act) आदिवासी बहुल क्षेत्रों में स्थानीय स्वशासन को सशक्त करने का संवैधानिक प्रावधान है।

पंचायती राज विभाग ने 7 अगस्त को सभी 17 विभागों को इस प्रस्ताव का प्रारूप भेजा था।
हालांकि, सभी मंतव्य प्राप्त हुए बिना ही विभाग ने प्रस्ताव कैबिनेट को भेज दिया था, जिसे अब वापस कर संशोधन हेतु कहा गया है।

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