झारखंड कांग्रेस की अनुशासन समिति ने पूर्व मंत्री योगेंद्र साव को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उन्हें तीन दिन में लिखित जवाब और समिति के समक्ष उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है।
Jharkhand Congress रांची: झारखंड कांग्रेस में पूर्व मंत्री योगेंद्र साव के सार्वजनिक बयानों को लेकर एक बार फिर अनुशासन का मामला सामने आया है। प्रदेश कांग्रेस की अनुशासन समिति ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ उनके हालिया बयान का संज्ञान लेते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया है। समिति ने योगेंद्र साव से तीन दिनों के भीतर लिखित स्पष्टीकरण देने के साथ स्वयं उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने को कहा है।
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब मार्च 2026 में भी मुख्यमंत्री और गठबंधन सरकार के खिलाफ सार्वजनिक बयानबाजी को लेकर योगेंद्र साव के खिलाफ पार्टी ने अनुशासनात्मक कार्रवाई की थी। जून 2026 में प्रदेश कांग्रेस ने उनका निष्कासन रद्द कर दिया था।
Jharkhand Congress: कांग्रेस अनुशासन समिति ने क्या कहा
प्रदेश कांग्रेस अनुशासन समिति के अध्यक्ष डॉ. रामेश्वर उरांव की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि योगेंद्र साव के हालिया सार्वजनिक बयानों को पार्टी नेतृत्व ने गंभीरता से लिया है। समिति के अनुसार, उनके बयान पार्टी के सिद्धांतों और नेतृत्व के निर्देशों के विपरीत हैं।
नोटिस में उनसे यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि पार्टी संविधान के प्रावधानों के तहत उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों नहीं की जानी चाहिए। साथ ही उन्हें समिति के समक्ष स्वयं उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया गया है।
Key Highlights
- योगेंद्र साव को झारखंड कांग्रेस की अनुशासन समिति ने कारण बताओ नोटिस जारी किया।
- तीन दिनों के भीतर लिखित स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया है।
- समिति के समक्ष स्वयं उपस्थित होकर पक्ष रखने को कहा गया है।
- मार्च में अनुशासनात्मक कार्रवाई के बाद जून में उनका निष्कासन रद्द किया गया था।
- हालिया सार्वजनिक बयान को लेकर पार्टी ने फिर अनुशासन का मुद्दा उठाया है।
Jharkhand Congress: मार्च में हुई थी कार्रवाई, जून में वापस लिया गया निष्कासन
इससे पहले 21 मार्च 2026 को मुख्यमंत्री के खिलाफ सोशल मीडिया पर टिप्पणी के मामले में कांग्रेस अनुशासन समिति ने योगेंद्र साव के खिलाफ कार्रवाई की थी। उन्हें पार्टी से निलंबित किया गया था। बाद में 25 जून को प्रदेश कांग्रेस ने उनका निलंबन रद्द कर दिया और उनकी पार्टी में वापसी हुई।
अब हालिया बयान को लेकर जारी नोटिस में पार्टी ने पूर्व की कार्रवाई का भी उल्लेख किया है। अनुशासन समिति के मुताबिक, पूर्व में कार्रवाई के बावजूद इस तरह के सार्वजनिक बयान दोबारा सामने आना संगठन के लिए गंभीर विषय है।
Jharkhand Congress: पार्टी ने कहा, विचारों की स्वतंत्रता के साथ अनुशासन भी जरूरी
प्रदेश कांग्रेस के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा के अनुसार, पार्टी में नेताओं को अपने विचार रखने की स्वतंत्रता है, लेकिन संगठनात्मक अनुशासन से समझौता नहीं किया जा सकता। पार्टी का कहना है कि संगठन के मंच के बाहर ऐसे सार्वजनिक बयान स्वीकार्य नहीं हैं, जो पार्टी की घोषित नीति, सिद्धांत या नेतृत्व के निर्देशों के विपरीत हों।
इस मामले में फिलहाल अंतिम अनुशासनात्मक निर्णय नहीं हुआ है। योगेंद्र साव का लिखित जवाब और समिति के समक्ष उनका पक्ष सामने आने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी।



















