रांची: झारखंड सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के केंद्रीय बजट के लिए अपनी प्रमुख मांगें प्रस्तुत की हैं। राज्य सरकार ने 20 दिसंबर को राजस्थान के जैसलमेर में आयोजित होने वाली प्री-बजट मीटिंग में भाग लेने के लिए वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर और वित्त सचिव प्रशांत कुमार को भेजा है। झारखंड सरकार ने केंद्रीय सरकार से चार रेल परियोजनाओं को मंजूरी देने, रांची में एक और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) और एक नया एम्स खोलने की मांग की है।
इसके अतिरिक्त, राज्य सरकार ने केंद्रीय मदद की मांग करते हुए वित्तीय स्थिति सुधारने के लिए जीएसटी के मुआवजे की व्यवस्था को अगले पांच वर्षों तक बढ़ाने की अपील की है। राज्य का कहना है कि केंद्रीय करों में झारखंड की हिस्सेदारी कम होने के कारण वित्तीय दबाव बढ़ा है और राज्य की विकास योजनाओं में रुकावटें आई हैं।
झारखंड सरकार ने अपनी विकास योजनाओं, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार सृजन, और बुनियादी ढांचे के लिए केंद्रीय सहायता की भी मांग की है। वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर बैठक में राज्य की वित्तीय समस्याओं, राजस्व की कमी, कर्ज के दबाव और अन्य आर्थिक चुनौतियों को केंद्रीय वित्त मंत्री के समक्ष रखेंगे।
राज्य सरकार का उद्देश्य केंद्रीय बजट में झारखंड को विशेष प्राथमिकता देना और विकास के लिए आवश्यक वित्तीय सहायता प्राप्त करना है।



















