झारखंड High Court ने दुमका में ब्राजील निवासी महिला गैंगरेप केस पर स्वतः संज्ञान से दर्ज PIL को बंद कर दिया। कोर्ट ने सरकार की कार्रवाई पर जताई संतुष्टि।
रांची:High Court ने दुमका में स्पेनिश बोलनेवाली ब्राजील निवासी महिला के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म मामले में स्वतः संज्ञान लेकर दर्ज जनहित याचिका पर सुनवाई पूरी कर दी है। मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने सोमवार को हुई सुनवाई में राज्य सरकार की ओर से प्रस्तुत जवाब को देखकर मामले की मॉनिटरिंग बंद करने का निर्देश दिया।
राज्य सरकार की ओर से अधिवक्ता शहबाज अख्तर ने अदालत को बताया कि इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है और 32 गवाहों में से 16 की गवाही पूरी हो चुकी है। उन्होंने कहा कि शेष गवाहों की गवाही भी शीघ्र पूरी की जाएगी।
Key Highlights
झारखंड हाइकोर्ट ने दुमका गैंगरेप केस से जुड़ी जनहित याचिका पर सुनवाई की समाप्त
राज्य सरकार की ओर से दायर जवाब पर कोर्ट ने जताई संतुष्टि
अभियुक्तों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल, 32 में से 16 गवाहों की गवाही पूरी
मार्च 2024 में ब्राजील निवासी महिला के साथ दुमका के हंसडीहा थाना क्षेत्र में गैंगरेप हुआ था
हाईकोर्ट ने घटना की मीडिया रिपोर्ट पर स्वतः संज्ञान लेकर जनहित याचिका दर्ज की थी
High Court ने कहा कि सरकार की ओर से आवश्यक कदम उठाए गए हैं, इसलिए अब मामले में न्यायालयीय निगरानी की जरूरत नहीं है। इसके साथ ही अदालत ने स्वतः संज्ञान से दर्ज जनहित याचिका को बंद कर दिया।
उल्लेखनीय है कि मार्च 2024 में दुमका के हंसडीहा थाना क्षेत्र में एक विदेशी महिला टूरिस्ट के साथ सामूहिक दुष्कर्म हुआ था। पीड़िता ब्राजील की निवासी थी और अपने पति के साथ भारत भ्रमण पर थी। यह दंपती पाकिस्तान से बांग्लादेश होते हुए पश्चिम बंगाल के रास्ते नेपाल जा रहा था। यात्रा के दौरान वे दुमका के हंसडीहा थाना क्षेत्र के कुंजी गांव में टेंट लगाकर ठहरे थे, तभी कुछ स्थानीय युवकों ने इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया।
घटना के बाद मीडिया में खबर प्रकाशित होने पर High Court ने स्वतः संज्ञान लेते हुए इसे जनहित याचिका में तब्दील किया था। अब, सरकार की कार्रवाई से संतुष्ट होकर अदालत ने सुनवाई को समाप्त कर दिया है।


















