Jharkhand High Court SOP: साइबर ठगी पीड़ितों को बड़ी राहत Cyber Fraud Refund SOP लागू, अब जल्द वापस मिलेगी गंवाई रकम

Jharkhand High Court SOP:साइबर ठगी के शिकार लोगों को अब तेजी से पैसा मिलेगा वापस। गृह मंत्रालय ने नया SOP लागू किया, झारखंड हाईकोर्ट की पहल पर देशभर में व्यवस्था लागू।


Jharkhand High Court SOP रांची: साइबर ठगी के बढ़ते मामलों के बीच पीड़ितों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के तहत कार्यरत भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र के माध्यम से साइबर ठगी में फंसी राशि की कस्टडी और वापसी को लेकर एक मानक संचालन प्रक्रिया लागू कर दी गई है। यह SOP झारखंड हाईकोर्ट के निर्देश पर तैयार की गई, जिसे अब पूरे देश में प्रभावी कर दिया गया है। सात जनवरी 2026 को झारखंड हाईकोर्ट ने SOP का अवलोकन कर इसे लागू करने का आदेश दिया था, जिसके बाद अधिसूचना जारी की गई।

Jharkhand High Court SOP:नया SOP क्या कहता है

नए प्रावधानों के अनुसार जैसे ही पीड़ित 1930 हेल्पलाइन या ऑनलाइन पोर्टल पर शिकायत दर्ज करता है, सिस्टम तुरंत संबंधित बैंक को राशि होल्ड करने का निर्देश देता है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ठगी की रकम आगे ट्रांसफर न हो सके। यदि मामला एक ही पीड़ित से जुड़ा है और राशि 50 हजार रुपये से कम है, तो जांच के बाद पुलिस सीधे बैंक को पैसा लौटाने का आदेश दे सकती है।


Key Highlights

अब शिकायत दर्ज होते ही ठगी की रकम तुरंत होल्ड होगी

50 हजार रुपये तक की राशि पुलिस के आदेश से सीधे लौटाई जा सकेगी

गलती से रोकी गई रकम के लिए समयबद्ध शिकायत समाधान

बैंकों में विशेष शिकायत निवारण अधिकारी की नियुक्ति अनिवार्य

गिफ्ट कार्ड और वॉलेट फ्रॉड में कंपनियों की जिम्मेदारी तय


Jharkhand High Court SOP:गलती से होल्ड राशि भी मिलेगी वापस

SOP में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी निर्दोष खाताधारक का पैसा गलती से होल्ड हो जाता है, तो वह संबंधित बैंक शाखा में आपत्ति दर्ज करा सकता है। बैंकों और राज्यों को इसके लिए विशेष शिकायत निवारण अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं, जो सात से पंद्रह दिनों के भीतर मामले का निपटारा करेंगे।

Jharkhand High Court SOP:क्यों जरूरी था यह बदलाव

आंकड़ों के अनुसार अप्रैल 2021 से नवंबर 2025 के बीच सिटिजन फाइनेंशियल साइबर फ्रॉड रिपोर्टिंग एंड मैनेजमेंट सिस्टम के जरिए करीब 7,647 करोड़ रुपये की राशि ठगों से बचाई गई, लेकिन इसमें से मात्र 2.18 प्रतिशत यानी लगभग 167 करोड़ रुपये ही पीड़ितों को वापस मिल सके। इसी कम रिकवरी दर को देखते हुए अदालत और सरकार ने प्रक्रिया को सरल और समयबद्ध बनाने का फैसला लिया।

Jharkhand High Court SOP:अदालत की भूमिका और आगे की प्रक्रिया

यदि एक खाते में कई पीड़ितों की राशि जमा पाई जाती है, तो पीड़ित अदालत में आवेदन देकर कानूनी प्रक्रिया के तहत अपनी रकम प्राप्त कर सकेंगे। गिफ्ट कार्ड, कूपन या वॉलेट के माध्यम से हुई ठगी में राशि रोकने और लौटाने की जिम्मेदारी संबंधित कंपनियों की होगी। इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी गृह मंत्रालय करेगा।


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