Jharkhand Industrial Policy 2026: झारखंड सरकार ने राज्य में निवेश और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के मकसद से ‘औद्योगिक और निवेश प्रोत्साहन नीति-2026’ का ड्राफ्ट जारी किया है। इस ड्राफ्ट को ऑनलाइन सार्वजनिक करके सरकार ने उद्योग जगत, निवेशकों और अन्य संबंधित पक्षों से सुझाव मांगे हैं। इस नीति का लक्ष्य राज्य को निवेश के लिए और आकर्षक बनाना और औद्योगिक गतिविधियों में तेज़ी लाना है।
MSME और नए उद्यमियों के लिए ज़्यादा सब्सिडी
प्रस्तावित नीति के तहत, नई MSME इकाइयों को फिक्स्ड कैपिटल इन्वेस्टमेंट (स्थायी पूंजी निवेश) पर 20 प्रतिशत तक (अधिकतम ₹15 करोड़) की प्रोजेक्ट इन्वेस्टमेंट सब्सिडी मिलेगी। वहीं, गैर-MSME इकाइयों के लिए 25 प्रतिशत तक (अधिकतम ₹30 करोड़) की सब्सिडी का प्रस्ताव है। सरकारी वित्तीय संस्थानों से लिए गए लोन पर ब्याज सब्सिडी का प्रावधान भी किया गया है।
महिलाओं, SC/ST और दिव्यांग उद्यमियों के लिए खास फ़ायदे
ड्राफ्ट नीति में अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), महिलाओं और दिव्यांग श्रेणी के उद्यमियों के लिए अतिरिक्त 5 प्रतिशत सब्सिडी का प्रस्ताव है। सरकार इन वर्गों में उद्यमिता को बढ़ावा देकर समावेशी औद्योगिक विकास सुनिश्चित करना चाहती है।
GST इंसेंटिव और नए सेक्टर पर फ़ोकस
नई MSME इकाइयों को पांच साल की अवधि के लिए 100 प्रतिशत नेट स्टेट GST रिइम्बर्समेंट (वापसी) देने का प्रस्ताव है। इसके अलावा, बड़े, मेगा और अल्ट्रा-मेगा प्रोजेक्ट्स को क्रमशः सात, नौ और 12 साल के लिए इंसेंटिव देने की योजना है। सरकार खनिज-आधारित उद्योगों के साथ-साथ मैन्युफैक्चरिंग, फ़ूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल, ऑटोमोबाइल और IT जैसे सेक्टर में निवेश आकर्षित करना चाहती है।
दावोस निवेश समझौतों के बाद अगला कदम
जनवरी 2026 में वर्ल्ड इकोनॉमिक फ़ोरम (दावोस) में हुई निवेश चर्चाओं और औद्योगिक समझौतों के बाद, इस नीति को राज्य की औद्योगिक रणनीति का एक अहम हिस्सा माना जा रहा है। सरकार अपने ‘विज़न-2050’ के अनुरूप झारखंड को एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित करना चाहती है। जहाँ उद्योग जगत को इस नीति से नए मौकों की उम्मीद है, वहीं ‘ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस’ और रेगुलेटरी प्रक्रियाओं के बारे में भी सुझाव दिए जा रहे हैं।
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