Ranchi : भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने आज राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा है। मरांडी ने अपने सोशल मीडिया साइट एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि हमारी विधवा माताओं-बहनों की स्थिति आज बेहद दयनीय और चिंताजनक हो गई है, क्योंकि इस सरकार में उन्हें भारी संकट और उपेक्षा का सामना करना पड़ रहा है।

Jharkhand Politics : विधवा पेंशन पिछले 5-6 महीनों से बंद है
राज्य में चल रही विधवा पेंशन, जो उनके जीवन का एकमात्र सहारा है वह पिछले 5-6 महीनों से बंद है पर सरकार को इसकी जरा भी परवाह नहीं है। आगे बाबूलाल ने कहा कि महिलाओं का कहना है कि राज्य सरकार ने विधवा पेंशन फंड के पैसे को “मंईया सम्मान योजना” के लिए ट्रांसफर किया है, जिससे उनकी पेंशन रुक गई है।
हेमंत सरकार महिलाओं की मजबूरी और दर्द को नज़रअंदाज कर रही है
आगे उन्होंने कहा कि विधवा पेंशन, हमारी माताओं बहनों के लिए सिर्फ एक राशि नहीं, बल्कि एक ऐसा सहारा है जो उन्हें सम्मान और आत्मनिर्भरता प्रदान करती है। पेंशन के बंद होने से उनकी रोजमर्रा की जिंदगी में कई समस्याएं बढ़ गई हैं। कई महिलाएं भोजन, दवाइयों और अन्य जरूरतों के लिए संघर्ष कर रही हैं, लेकिन इसके बाद भी हेमंत सरकार उनकी मजबूरी और दर्द को नज़रअंदाज करके उनकी स्थिति का मज़ाक बना रही है।
एक योजना की कीमत पर दूसरी योजना को आगे बढ़ाना किसी भी तरह से न्यायसंगत नहीं है। हेमंत सरकार को यह समझना जरुरी है कि हमारी विधवा माताओं-बहनों के जीवन में एक पेंशन की कितनी बड़ी भूमिका है, इसलिए मुख्यमंत्री को तत्काल नींद से जागकर विधवा पेंशन को बहाल करना चाहिए। हेमंत सरकार माताओं-बहनों की मजबूरी का मजाक बनाना बंद करे।
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