झारखंड में बिजली लाइसेंस फीस तय करने का अधिकार अब सरकार के पास, नियामक आयोग ने नियमों में बदलाव किया, निजी कंपनियों पर पड़ेगा असर।
Jharkhand Power Policy रांची: झारखंड में बिजली क्षेत्र से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है। झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग ने ‘शुल्क, जुर्माना और प्रभार विनियम, 2026’ में संशोधन करते हुए बिजली लाइसेंस फीस तय करने का अधिकार राज्य सरकार को सौंप दिया है।
अब बिजली लाइसेंस जारी करने, लाइसेंस से छूट देने और वार्षिक शुल्क निर्धारित करने का निर्णय सीधे सरकार करेगी। इससे पहले यह अधिकार आयोग के पास था, जिसने लाइसेंस शुल्क एक लाख रुपये तय किया था।
Jharkhand Power Policy: सरकार के पास होगा शुल्क तय करने का पूरा अधिकार
नई अधिसूचना के तहत अब राज्य सरकार जरूरत और परिस्थितियों के अनुसार बिजली लाइसेंस फीस में बदलाव कर सकेगी। यानी सरकार चाहे तो शुल्क को घटा या बढ़ा सकती है।
इस बदलाव से नीति निर्माण में लचीलापन आएगा और सरकार बिजली क्षेत्र की मौजूदा स्थिति को देखते हुए फैसले ले सकेगी।
Key Highlights
बिजली लाइसेंस फीस तय करने का अधिकार अब सरकार को मिला
नियामक आयोग ने नियमों में संशोधन किया
पहले लाइसेंस शुल्क 1 लाख रुपये तय था
निजी कंपनियों और निवेशकों पर सीधा असर
बिजली क्षेत्र में निवेश और नीति में लचीलापन संभव
Jharkhand Power Policy: निजी कंपनियों और निवेशकों पर पड़ेगा असर
इस निर्णय का सीधा असर बिजली वितरण, उत्पादन और ट्रांसमिशन से जुड़ी कंपनियों पर पड़ेगा। खासकर निजी कंपनियों और नए निवेशकों के लिए लाइसेंस की लागत अब सरकार के फैसले पर निर्भर करेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे निवेश प्रक्रिया में लचीलापन आएगा और राज्य में ऊर्जा क्षेत्र में नई संभावनाएं खुल सकती हैं।
Jharkhand Power Policy: पहले क्या थी व्यवस्था
पहले झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग ने लाइसेंस शुल्क एक लाख रुपये तय किया था और उसी के आधार पर कंपनियों को लाइसेंस दिया जाता था।
अब संशोधित नियमों के बाद यह अधिकार आयोग से हटाकर सरकार को दे दिया गया है, जिससे भविष्य में शुल्क निर्धारण पूरी तरह सरकारी नीति पर आधारित होगा।
Highlights







