झारखंड में 1 अप्रैल 2026 से नई बिजली दर नियमावली लागू। 2031 तक प्रभावी रहेंगे नियम, पारदर्शिता और निवेश बढ़ाने पर जोर।
Power Tariff 2025 :झारखंड में बिजली उत्पादन की दरें अब नए और स्पष्ट प्रावधानों के तहत तय की जाएंगी। झारखंड राज्य विद्युत विनियामक आयोग ने विद्युत उत्पादन दर निर्धारण की शर्तें एवं नियमावली विनियम 2025 अधिसूचित कर दिया है। ये नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे और 31 मार्च 2031 तक प्रभावी रहेंगे।
आयोग के अनुसार नई नियमावली का उद्देश्य राज्य में बिजली उत्पादन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, प्रतिस्पर्धी और उपभोक्ता हितैषी बनाना है।
थर्मल और जल विद्युत इकाइयों के लिए स्पष्ट दरें
नई व्यवस्था के तहत राज्य में संचालित थर्मल और जल विद्युत उत्पादन इकाइयों के लिए बिजली दरों का निर्धारण तय मानकों के आधार पर किया जाएगा। इससे उत्पादन कंपनियों को लागत के अनुरूप उचित दर मिल सकेगी और अनावश्यक खर्च पर नियंत्रण संभव होगा।
आयोग का मानना है कि इससे निवेश को बढ़ावा मिलेगा और उपभोक्ताओं पर अचानक दर वृद्धि का बोझ नहीं पड़ेगा।
1 अप्रैल 2026 से नई बिजली दर नियमावली लागू
31 मार्च 2031 तक प्रभावी रहेंगे प्रावधान
बहु-वर्षीय टैरिफ प्रणाली से पांच साल के लिए दर निर्धारण
निवेश बढ़ाने और उपभोक्ता हित की बात
ऊर्जा सचिव नहीं होने से 150 कर्मचारियों का वेतन चार माह से लंबित
बहु-वर्षीय टैरिफ प्रणाली लागू
नियमों के तहत बहु-वर्षीय टैरिफ प्रणाली लागू की जाएगी। इसके तहत हर वर्ष दर तय करने के बजाय पांच साल की अवधि के लिए पहले से ही टैरिफ निर्धारण किया जाएगा।
इससे बिजली उत्पादन कंपनियों को दीर्घकालीन योजना बनाने में सहूलियत मिलेगी और वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित होगी। साथ ही नियामकीय प्रक्रिया में भी पारदर्शिता आएगी।
ऊर्जा सचिव नहीं होने से वेतन भुगतान ठप
इधर झारखंड विद्युत कार्य विभाग कर्मचारी संघ ने विभाग में ऊर्जा सचिव का पदस्थापन नहीं होने के कारण कर्मचारियों को वेतन नहीं मिलने का मुद्दा उठाया है। संघ ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
संघ के अनुसार अनुपूरक बजट में राशि आवंटित होने के बावजूद ऊर्जा सचिव का पद खाली रहने से क्षेत्रीय कार्यालयों को राशि निर्गत नहीं हो पा रही है। पिछले चार माह से लगभग 150 अधिकारियों और कर्मचारियों का वेतन भुगतान पूरी तरह ठप है, जिससे गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है।
संघ ने सरकार से अविलंब ऊर्जा सचिव की नियुक्ति करने की मांग की है, ताकि लंबित वेतन का भुगतान सुनिश्चित हो सके।
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