Jharkhand Train News: झारखंड के रेल यात्रियों के लिए बड़ी खबर, 7 दिन तक बदल जाएगा कई ट्रेनों का पूरा शेड्यूल

Jharkhand Train News: रेलवे प्रशासन ने दक्षिण पूर्व रेलवे के आद्रा डिवीजन में रेलवे ट्रैक, सिग्नलिंग सिस्टम और इलेक्ट्रिकल इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा और आधुनिकीकरण को बेहतर बनाने के लिए 29 जून से 5 जुलाई, 2026 तक एक विशेष मेंटेनेंस अभियान चलाने का फैसला किया है। इस दौरान, इंजीनियरिंग, TRD (ट्रैक्शन डिस्ट्रीब्यूशन) और सिग्नल एंड टेलीकम्युनिकेशन विभाग मिलकर ‘रोलिंग ब्लॉक’ व्यवस्था के तहत ज़रूरी तकनीकी काम करेंगे। नतीजतन, झारखंड और पश्चिम बंगाल के बीच चलने वाली कई MEMU और एक्सप्रेस ट्रेनों के संचालन में बदलाव किए गए हैं।

कई MEMU ट्रेनें पूरी तरह रद्द रहेंगी

रेलवे द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, रोलिंग ब्लॉक के दौरान आसनसोल-आद्रा, आद्रा-मिदनापुर, आद्रा-भागा, आसनसोल-पुरुलिया और टाटानगर-आसनसोल सेक्शन पर चलने वाली कई MEMU पैसेंजर ट्रेनों का संचालन अलग-अलग तारीखों पर पूरी तरह रद्द रहेगा। हज़ारों रोज़ाना यात्रा करने वाले लोग, छात्र, कर्मचारी और व्यापारी इन ट्रेनों पर निर्भर हैं। सात दिनों तक इन सेवाओं के बाधित रहने से यात्रियों को परिवहन के वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ सकता है।

कुछ ट्रेनों के रूट बदले गए

रेलवे ने न केवल ट्रेनें रद्द की हैं, बल्कि कुछ खास ट्रेनों के संचालन में भी बदलाव किया है। कई ट्रेनें अपने तय टर्मिनल स्टेशनों तक जाने के बजाय केवल बीच के स्टेशनों तक ही चलाई जाएंगी। टाटानगर-आसनसोल-बाराभूम, आसनसोल-पुरुलिया, चक्रधरपुर-गोमोह और आसनसोल-टाटानगर रूट पर चलने वाली कुछ ट्रेनें आद्रा या महूदा स्टेशनों पर ही अपनी यात्रा समाप्त करेंगी। वहां से वे अपने शुरुआती स्टेशनों के लिए वापस लौटेंगी। इससे लंबी दूरी के यात्रियों को यात्रा के लिए अतिरिक्त इंतज़ाम करने पड़ सकते हैं।

खड़गपुर-हटिया एक्सप्रेस के समय में बदलाव

रोलिंग ब्लॉक का असर एक्सप्रेस ट्रेनों पर भी पड़ेगा। रेलवे ने 29 जून, 2 जुलाई और 3 जुलाई को ट्रेन नंबर 18035 खड़गपुर-हटिया एक्सप्रेस के रवाना होने के समय में एक घंटे की देरी करने का फैसला किया है। वहीं, 18036 हटिया-खड़गपुर एक्सप्रेस 30 जून को एक घंटे की देरी से चलेगी, जबकि 1 जुलाई और 4 जुलाई को यह ट्रेन तय समय से दो घंटे देरी से रवाना होगी। रेलवे का कहना है कि ये बदलाव यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए किए जा रहे हैं, ताकि बिना किसी रुकावट के मेंटेनेंस का काम पूरा किया जा सके।

सुरक्षा और ट्रेनों के सुचारू संचालन के लिए रोलिंग ब्लॉक ज़रूरी हैं

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, रोलिंग ब्लॉक का मकसद रेलवे ट्रैक, सिग्नलिंग सिस्टम और ओवरहेड इलेक्ट्रिकल इंफ्रास्ट्रक्चर का समय पर मेंटेनेंस करना है। इससे भविष्य में ट्रेनों का संचालन सुरक्षित और सुचारू होता है। नियमित मेंटेनेंस से तकनीकी खराबी को समय पर ठीक किया जा सकता है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा कम होता है और रेल सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होता है।

यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति जांच लें

रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा पर निकलने से पहले अपनी ट्रेनों की स्थिति जांच लें। यात्री नेशनल ट्रेन इन्क्वायरी सिस्टम (NTES), रेलवे हेल्पलाइन (139) या रेलवे के आधिकारिक डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करके ऐसा कर सकते हैं। रेलवे का कहना है कि ट्रेनों के बारे में समय पर जानकारी मिलने से यात्रियों को अनावश्यक परेशानी से बचने में मदद मिलेगी। सलाह दी जाती है कि इस सात-दिवसीय विशेष मेंटेनेंस अभियान के दौरान ट्रेनों के समय, रूट और संचालन में होने वाले बदलावों को ध्यान में रखकर ही यात्रा की योजना बनाएं।

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