झारखंड में तीन विश्वविद्यालयों में बाहरी कुलपतियों की नियुक्ति पर विधानसभा में विवाद। कांग्रेस विधायक प्रदीप यादव ने सरकार से नियुक्ति प्रक्रिया पर जवाब मांगा।
Jharkhand Universities रांची: झारखंड में तीन विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की नियुक्ति को लेकर विधानसभा में राजनीतिक बहस छिड़ गई है। राज्यपाल सह कुलाधिपति संतोष कुमार गंगवार ने मंगलवार को तीन विश्वविद्यालयों के लिए कुलपतियों के नामों पर मुहर लगाई। हालांकि इन तीनों विश्वविद्यालयों में नियुक्त कुलपति राज्य से बाहर के होने के कारण विपक्ष ने इस मुद्दे को सदन में उठाया।
विधानसभा में शून्यकाल के दौरान कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने इस मामले को जोरदार तरीके से उठाते हुए सरकार से नियुक्ति प्रक्रिया पर सवाल किए।
Jharkhand Universities: बाहरी कुलपतियों की नियुक्ति पर विपक्ष का सवाल
प्रदीप यादव ने कहा कि राज्य में अक्सर ‘अबुआ झारखंड’ की बात की जाती है, लेकिन नियुक्तियों में झारखंड के लोगों को प्राथमिकता नहीं मिल रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि कुलपति पद के लिए झारखंड के उम्मीदवारों ने भी आवेदन किया होगा और इसके लिए चयन समिति भी गठित की गई होगी।
उन्होंने सरकार से पूछा कि क्या झारखंड के किसी उम्मीदवार, दलित, आदिवासी या पिछड़े वर्ग के व्यक्ति ने आवेदन नहीं किया था। यदि आवेदन आए थे तो फिर राज्य के बाहर के लोगों को ही कुलपति क्यों नियुक्त किया गया।
Key Highlights
राज्यपाल सह कुलाधिपति ने तीन विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की नियुक्ति पर लगाई मुहर
नियुक्त तीनों कुलपति झारखंड के बाहर के बताए जा रहे
विधानसभा में कांग्रेस विधायक प्रदीप यादव ने उठाया मुद्दा
सरकार ने उच्च शिक्षा सचिव से जानकारी लेने की बात कही
नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर राज्य की राजनीति में बहस तेज
Jharkhand Universities: सरकार ने कहा, मामले को लिया जायेगा संज्ञान में
इस मुद्दे पर संसदीय कार्यमंत्री राधाकृष्ण किशोर ने सदन में जवाब देते हुए कहा कि सरकार इस मामले को संज्ञान में ले रही है। उन्होंने बताया कि उच्च शिक्षा सचिव से इस संबंध में जानकारी मांगी जाएगी और नियुक्ति प्रक्रिया की स्थिति स्पष्ट की जाएगी।
सत्ता पक्ष की ओर से भी यह बात स्वीकार की गई कि नियुक्त किए गए कुलपति राज्य से बाहर के हैं। इस कारण सरकार से इस विषय पर स्पष्ट जवाब देने की मांग की गई।
Jharkhand Universities: नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर बढ़ी राजनीतिक चर्चा
तीन विश्वविद्यालयों में कुलपतियों की नियुक्ति के बाद राज्य की राजनीति में यह मुद्दा चर्चा का विषय बन गया है। विपक्ष का कहना है कि झारखंड के युवाओं और योग्य शिक्षाविदों को अवसर मिलना चाहिए। वहीं सरकार ने संकेत दिया है कि मामले की पूरी जानकारी लेकर स्थिति स्पष्ट की जाएगी।
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