Jharkhand Workers की नाइजर से सुरक्षित वापसी, उग्रवादियों की कैद से रिहा होकर गिरिडीह के पांच मजदूर मुंबई पहुंचे, जल्द अपने घर लौटेंगे
Jharkhand Workersरांची:पश्चिम अफ्रीकी देश नाइजर में पिछले आठ महीनों से उग्रवादी संगठन की कैद में फंसे झारखंड के पांच प्रवासी मजदूर आखिरकार सुरक्षित भारत लौट आए हैं। गिरिडीह जिले के बगोदर निवासी संजय महतो, चंद्रिका महतो, फलजीत महतो, राजू महतो और उत्तम महतो शुक्रवार को मुंबई पहुंचे। विदेश मंत्रालय की देखरेख में सभी मजदूरों का मेडिकल चेकअप कराया गया है और वे एक से दो दिन में अपने घर लौटेंगे।
इन मजदूरों को 25 अप्रैल 2025 को नाइजर में एक हिंसक घटना के दौरान अगवा कर लिया गया था, जिसमें नाइजर के 12 सैनिकों की जान चली गई थी। इसके बाद से ये सभी स्थानीय उग्रवादी संगठन की कैद में थे। हाल ही में नाइजर सरकार और उग्रवादियों के बीच हुए समझौते के बाद चार दिन पहले इन्हें रिहा किया गया।
Key Highlights
नाइजर में आठ महीने से कैद पांच झारखंडी मजदूर सुरक्षित लौटे
सभी मजदूर गिरिडीह के बगोदर के रहने वाले हैं
25 अप्रैल 2025 को उग्रवादी हमले के दौरान किया गया था अपहरण
नाइजर सरकार और उग्रवादियों के समझौते के बाद हुई रिहाई
शुक्रवार को मुंबई पहुंचकर कराया गया मेडिकल चेकअप
Jharkhand Workers:उग्रवादियों की कैद से दूतावास तक की यात्रा
रिहाई के बाद सभी मजदूरों को सीधे नाइजर स्थित भारतीय दूतावास ले जाया गया, जहां उनकी पहचान और कागजी कार्रवाई पूरी की गई। इसके बाद भारत लौटने की औपचारिकताएं पूरी की गईं और शुक्रवार को वे सुरक्षित मुंबई पहुंचे।
बताया गया है कि ये सभी मजदूर नाइजर में ट्रांसमिशन लाइन के काम के लिए गए थे, जहां यह घटना हुई। आठ महीने तक कैद में रहने के दौरान इनके परिजनों के बीच चिंता और अनिश्चितता का माहौल बना रहा।
Jharkhand Workers:राज्य और केंद्र सरकार की पहल से मिली राहत
इन मजदूरों की सुरक्षित वापसी के लिए झारखंड सरकार ने विदेश मंत्रालय से लगातार संपर्क बनाए रखा था। राज्य सरकार ने केंद्र सरकार से इस मामले में जरूरी कूटनीतिक पहल करने का आग्रह किया, जिसके बाद विदेश मंत्रालय और दूतावास के माध्यम से रिहाई की प्रक्रिया आगे बढ़ सकी।
अब मेडिकल जांच पूरी होने के बाद सभी मजदूर अपने गृह जिले गिरिडीह के बगोदर लौटने की तैयारी में हैं, जहां उनके परिवार लंबे समय से इस पल का इंतजार कर रहे थे।
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