पाकुड़: जिले भर मे जितिया पर्व बड़े ही हर्षोल्लास से मनाया गया. बृहस्पतिवार को नहाय खाय के साथ शुरू हुई जितिया पर्व आज पारण के साथ समापन हुई.
आपको बता दे की माँ अपने बच्चे के सुख शांति एवं समृद्धि के लिए 24 घंटे का निर्जला व्रत रखती है.पर्व की शुरुआत के पहले दिन नहाय खाय के साथ डाला रखकर करती है.
दूसरे दिन उपवास रहती है और शाम मे डाला लेकर घाट पर जाकर पूजा अर्चना करती है. उसके बाद 24 घंटा का निर्जला उपवास के बाद तीसरा दिन सुबह घाट मे जाकर पूजा अर्चना कर एक दूसरे को सिंदूर लगाकर एवं बच्चों के बीच प्रसाद वितरण कर व्रत को तोड़ी.


