रांची : राष्ट्रपति चुनाव को लेकर जेएमएम की अहम बैठक आज होने जा रही है.
पार्टी के अध्यक्ष शिबू सोरेन (Shibu Soren) की अध्यक्षता में ये बैठक होगी,
जिसमें पार्टी के सभी विधायक और सांसद मौजूद रहेंगे.
बैठक रांची के मोरहाबादी स्थित शिबू सोरेन के आवास पर होगी.
इसी बैठक में ये तय हो जाएगा कि राष्ट्रपति चुनाव (Presidential Election) में
जेएमएम (JMM) का क्या रूख रहने वाला है. फिलहाल पार्टी ने अपने रूख को लेकर चुप्पी साधी हुई है.
दुविधा में जेएमएम
दरअसल, राष्ट्रपति चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के उम्मीदवार के रूप में आदिवासी नेता द्रौपदी मुर्मू (Draupadi Murmu) के नाम की घोषणा ने झारखंड मुक्ति मोर्चा के लिए दुविधा खड़ी कर दी है कि वो देश को पहला आदिवासी राष्ट्रपति देने में अपना योगदान दे या फिर गठबंधन धर्म का पालन करे. मुर्मू मूल रूप से ओडिशा के मयूरभंज जिले की हैं और वो आदिवासी समुदाय संताल (संथाल) से ताल्लुक रखती हैं. झारखंड (Jharkhand) के राज्यपाल के रूप में उनका कार्यकाल भी निर्विवाद रहा है जबकि संयुक्त विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा (Yashwant Sinha) का भी झारखंड से गहरा नाता रहा है.
हेमंत सरकार को कांग्रेस और राजद का समर्थन
गौरतलब है कि, वर्तमान समय में झारखंड राज्य आंदोलन में अग्रणी भूमिका निभाने वाला तथा आदिवासी अस्मिता हितैषी राजनीति करने वाला झामुमो राज्य सरकार का नेतृत्व कर रहा है. झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अगुवाई वाली इस सरकार को कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल का समर्थन हासिल है. मुर्मू की उम्मीदवारी की घोषणा के कुछ समय बाद ही आदिवासी बहुल राज्य ओडिशा की सत्ताधारी बीजू जनता दल (बीजद) ने उन्हें समर्थन देने की घोषणा कर दी. लेकिन अभी तक इस बारे में झामुमो की कोई स्पष्ट राय नहीं आई है कि वो दलित राष्ट्रपति के रूप में राजग उम्मीदवार का समर्थन करेगा या विपक्ष के संयुक्त उम्मीदवार सिन्हा के साथ जाएगा.
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