JPSC Appointment Scam: नियुक्ति घोटाले में बड़े नामों पर CID की नजर, तीन सदस्यों को समन, 19 गिरफ्तारियों के बाद जांच तेज

JPSC नियुक्ति घोटाले की जांच में CID ने आयोग के तीन सदस्यों को पूछताछ के लिए समन किया है। अब तक 19 गिरफ्तारियां, बड़े नामों की तलाश तेज।


JPSC Appointment Scam रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग यानी JPSC से जुड़े नियुक्ति घोटाले की जांच अब निर्णायक दौर में पहुंचती दिख रही है। अब तक हुई पूछताछ और गिरफ्तारियों से मिले इनपुट के आधार पर सीआईडी की नजर अब उन बड़े नामों पर है, जिनकी कथित भूमिका पूरे मामले में सामने आ रही है।

जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, टीडीपीएल में हुई कथित गड़बड़ियों का मुख्य सूत्रधार कंपनी का मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी बताया जा रहा है। हालांकि, सीआईडी को मिले इनपुट के मुताबिक अभय तिवारी भी किसी प्रभावशाली व्यक्ति के इशारे पर काम कर रहा था। जांच एजेंसी को यह जानकारी मिली है कि टीडीपीएल ने झारखंड के एक रसूखदार व्यक्ति को कथित तौर पर अपना पार्टनर बनाया था और नीचे के स्तर पर काम करने वाले लोगों को निर्देश उसी के माध्यम से दिए जाते थे।

इसी कड़ी को जोड़ते हुए सीआईडी ने अब JPSC के तीन सदस्यों डॉ. अजिता भट्टाचार्य, डॉ. अनिमा हांसदा और डॉ. जमाल अहमद को पूछताछ के लिए समन जारी किया है। सोमवार से तीनों सदस्यों से अलग-अलग पूछताछ किए जाने की जानकारी है।

JPSC Appointment Scam: तीन JPSC सदस्यों से होगी पूछताछ

सीआईडी ने JPSC के तीन सदस्यों को समन जारी कर जांच के सिलसिले में पूछताछ के लिए बुलाया है। तीनों सदस्यों की नियुक्ति 2 सितंबर 2021 को हुई थी।

जांच एजेंसी अब यह जानने का प्रयास करेगी कि आयोग के भीतर परीक्षा और नियुक्ति प्रक्रिया से जुड़ी कथित गड़बड़ियों के बारे में उन्हें क्या जानकारी थी और पूरी प्रक्रिया में उनकी क्या भूमिका रही। पूछताछ में सामने आने वाले तथ्यों का मिलान सीआईडी के पास मौजूद दस्तावेजों, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और अन्य आरोपियों के बयानों से किया जाएगा।

सीआईडी इस मामले में JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते से पहले भी कई बार पूछताछ कर चुकी है। जांच की शुरुआत में उनके आवास और कार्यालय पर छापेमारी भी की गई थी। इसके बाद उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।

टीडीपीएल कंपनी के निदेशक और मार्केटिंग मैनेजर को भी सीआईडी पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। JPSC की उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता की गिरफ्तारी के बाद हुई पूछताछ में भी जांच एजेंसी को कई अहम जानकारियां मिलने की बात सामने आई है।

JPSC Appointment Scam: 19 गिरफ्तारियों के बाद बड़े मोहरों की तलाश

सीआईडी अब तक इस मामले में 19 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। गिरफ्तार आरोपियों में JPSC के पूर्व अध्यक्ष के यहां कंप्यूटर ऑपरेटर रहे धर्मेंद्र और टीडीपीएल के लेखापाल रक्षक सिंह भी शामिल हैं।

जांच एजेंसी के अनुसार, दोनों से प्रारंभिक पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। आरोप है कि दोनों को आयोग में हो रही कथित गड़बड़ियों की जानकारी थी। जांच में यह भी सामने आया है कि कंप्यूटर डेटा और OMR शीट से संबंधित कथित छेड़छाड़ में उनकी भूमिका थी। अभ्यर्थियों से संपर्क किए जाने की बात भी जांच के दायरे में है।

सीआईडी ने दोनों के मोबाइल फोन जब्त किए हैं और उनके इलेक्ट्रॉनिक डेटा की जांच की जा रही है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि इन लोगों के संपर्क में कौन-कौन लोग थे और कथित गड़बड़ी के पीछे निर्देश किस स्तर से दिए जा रहे थे।


Key Highlights

  1. JPSC नियुक्ति घोटाले में CID की जांच बड़े नामों तक पहुंचती दिख रही है।

  2. आयोग के तीन सदस्यों डॉ. अजिता भट्टाचार्य, डॉ. अनिमा हांसदा और डॉ. जमाल अहमद को समन।

  3. मामले में अब तक 19 लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है।

  4. करीब 2,000 OMR शीट CID को मिलीं, संदिग्ध शीट की फॉरेंसिक जांच होगी।

  5. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन खुद मामले की जांच की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।


JPSC Appointment Scam: करीब 2 हजार OMR शीट CID को मिली

14वीं JPSC परीक्षा के अभ्यर्थियों ने सीआईडी को करीब 2,000 OMR शीट उपलब्ध कराई हैं। इन OMR शीट की जांच की जा रही है। संदिग्ध पाई जाने वाली OMR शीट को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे जाने की तैयारी है।

सीआईडी इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड, OMR शीट, मोबाइल फोन और आरोपियों के बयानों को आपस में जोड़कर कथित गड़बड़ी का पूरा नेटवर्क समझने की कोशिश कर रही है। जांच का दायरा झारखंड से बाहर तक बढ़ाए जाने की भी जानकारी सामने आई है।

JPSC Appointment Scam: CM कर रहे जांच की मॉनिटरिंग

JPSC नियुक्ति घोटाले की जांच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर की जा रही है। मुख्यमंत्री स्वयं भी समय-समय पर जांच की प्रगति की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री पहले ही सार्वजनिक रूप से कह चुके हैं कि घोटाले में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने जांच एजेंसी को कार्रवाई के लिए पूरी स्वतंत्रता देने की बात कही थी। इसके बाद सीआईडी ने जांच का दायरा और बढ़ाया है।

अब तीन JPSC सदस्यों से होने वाली पूछताछ को जांच की अगली अहम कड़ी माना जा रहा है। सीआईडी यह पता लगाने में जुटी है कि कथित गड़बड़ी में नीचे के स्तर पर काम करने वाले लोगों के पीछे कौन लोग थे और उन्हें निर्देश कहां से मिल रहे थे।

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