JPSC 14वीं सिविल सेवा पीटी परीक्षा मामले में CID की जांच तेज। पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते से तीसरे दिन पूछताछ, OMR गड़बड़ी के नए सबूत मिले। परीक्षा रद्द होने की संभावना बढ़ी।
JPSC PT Scam रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित OMR गड़बड़ी की जांच तेज हो गई है। अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने शुक्रवार को आयोग के पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते से लगातार तीसरे दिन करीब नौ घंटे तक पूछताछ की। जांच एजेंसी को अब तक कई ऐसे साक्ष्य मिले हैं, जिनसे परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितताओं की आशंका और मजबूत हुई है। इसी बीच परीक्षा रद्द किए जाने की संभावना भी तेज हो गई है।
JPSC PT Scam:सुमन सौरभ की गिरफ्तारी के बाद जांच में मिले अहम सुराग
CID की जांच में हजारीबाग से गिरफ्तार अभ्यर्थी सुमन सौरभ से पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए। जांच एजेंसी के अनुसार, उसके पास मिली OMR शीट रिकॉर्ड में उपलब्ध OMR से मेल नहीं खाती। पूछताछ में सुमन ने स्वीकार किया कि उसने परीक्षा में केवल 48 प्रश्नों के उत्तर भरे थे, इसके बावजूद उसे प्रारंभिक परीक्षा में सफल घोषित कर दिया गया।
CID का मानना है कि इस खुलासे के बाद परीक्षा में OMR से छेड़छाड़ और चयन प्रक्रिया में अनियमितता के आरोपों को बल मिला है।
Key Highlights:
पूर्व JPSC अध्यक्ष एल खियांग्ते से CID ने लगातार तीसरे दिन करीब नौ घंटे पूछताछ की।
सुमन सौरभ की गिरफ्तारी के बाद OMR गड़बड़ी के कई अहम सबूत सामने आए।
CID को बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों की OMR कार्बन कॉपी में अनियमितताएं मिलीं।
TDPPL तक OMR शीट पहुंचने के सवाल पर संतोषजनक जवाब नहीं दे सके पूर्व अध्यक्ष।
जांच के बीच 14वीं JPSC पीटी परीक्षा रद्द होने की संभावना तेज हुई।
JPSC PT Scam:एल खियांग्ते से TDPPL तक OMR पहुंचने पर पूछताछ
सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान CID ने पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते से यह जानने की कोशिश की कि OMR शीट TDPPL कार्यालय तक कैसे पहुंची। हालांकि, इस सवाल पर उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। जांच एजेंसी ने रिमांड पर लिए गए आरोपियों को भी आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की, ताकि घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी जा सकें।
इस बीच CID की अपील के बाद बड़ी संख्या में अभ्यर्थी अपनी OMR शीट की कार्बन कॉपी जांच एजेंसी को उपलब्ध करा रहे हैं। प्रारंभिक जांच में कई मामलों में गड़बड़ियों के संकेत मिले हैं।
JPSC PT Scam:रिमांड के बाद आरोपी भेजे गए जेल, परीक्षा पर मंडराया संकट
CID ने रिमांड अवधि पूरी होने के बाद तत्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता, TDPPL के निदेशक रामवीर सिंह, मार्केटिंग मैनेजर मनोज तिवारी, तकनीकी प्रोग्रामर मो. उस्मान, मो. एजाद और कंपनी के एक अन्य कर्मी को जेल भेज दिया। बाद में जांच में मिले तथ्यों के आधार पर सुमन सौरभ को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद इन आरोपियों की रिमांड दो दिन और बढ़ाई गई तथा पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते के साथ आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की गई।
गौरतलब है कि JPSC की 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 19 अप्रैल 2026 को राज्य के 564 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित हुई थी। 2 जुलाई 2026 को घोषित परिणाम में 2204 अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए सफल घोषित किया गया था। मुख्य परीक्षा 25 से 27 जुलाई के बीच प्रस्तावित थी, लेकिन विवाद सामने आने के बाद इसे स्थगित कर दिया गया।
यदि CID की जांच में OMR गड़बड़ी के आरोप पूरी तरह पुष्ट होते हैं, तो आयोग द्वारा प्रारंभिक परीक्षा रद्द करने और नई परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया जा सकता है। हालांकि, इस संबंध में अभी तक JPSC या राज्य सरकार की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
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