JPSC भर्ती परीक्षा में धांधली और OMR शीट में हेराफेरी मामले में CID अगले सप्ताह चार्जशीट दाखिल करेगी। पांच प्रमुख आरोपियों की भूमिका और जांच में मिले सबूतों पर नजर डालें।
JPSC Paper Leak Case रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली और OMR शीट में हेराफेरी के मामले में अपराध अनुसंधान विभाग (CID) अगले सप्ताह चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी में है। 21 जुलाई को JPSC कार्यालय में छापेमारी के बाद CID ने कांड संख्या 16/2026 दर्ज की थी। इसके अगले दिन 22 जुलाई को पांच प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के 90 दिन के भीतर चार्जशीट दाखिल नहीं होने की स्थिति में आरोपियों को डिफॉल्ट बेल का लाभ मिलने की कानूनी संभावना को देखते हुए जांच एजेंसी 19 अक्टूबर से पहले आरोपपत्र दाखिल करने की तैयारी कर रही है। जांच के दौरान आयोग कार्यालय और परीक्षा एजेंसी के ठिकानों से जब्त डिजिटल उपकरणों, पेन ड्राइव, हार्ड डिस्क और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर साक्ष्य जुटाये गये हैं।
JPSC Paper Leak Case: पांच आरोपियों की भूमिका पर CID की जांच
JPSC भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं के मामले में CID ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं के साथ झारखंड प्रतियोगी परीक्षा अधिनियम 2023 के तहत भी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी के अनुसार, डिजिटल उपकरणों और दस्तावेजों की जांच से परीक्षा प्रक्रिया में कथित हेराफेरी से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले हैं। इन साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की भूमिका और कथित साजिश की पड़ताल की जा रही है।
Key Highlights
- JPSC भर्ती परीक्षा में कथित धांधली और OMR शीट में हेराफेरी मामले में CID अगले सप्ताह चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी में है।
- 21 जुलाई को JPSC कार्यालय में छापेमारी के बाद कांड संख्या 16/2026 दर्ज की गयी थी।
- 22 जुलाई को पांच प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।
- जांच में डिजिटल उपकरणों, पेन ड्राइव, हार्ड डिस्क और फॉरेंसिक रिपोर्ट से साक्ष्य जुटाये गये हैं।
- CID को 19 अक्टूबर से पहले चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी करनी है, ताकि डिफॉल्ट बेल से जुड़ी कानूनी समयसीमा का ध्यान रखा जा सके।
JPSC Paper Leak Case:श्वेता गुप्ता पर आंसर-की साझा करने का आरोप
श्वेता कुमारी गुप्ता JPSC में तत्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक थीं। आरोप है कि उन्होंने सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा की आंसर-की आधिकारिक रूप से प्रकाशित होने से पहले ही व्हाट्सऐप के माध्यम से परीक्षा एजेंसी TDPL के कर्मचारी मो. उस्मान को भेज दी थी।
जांच में यह भी आरोप सामने आया है कि तबादले के बावजूद श्वेता गुप्ता आयोग में बनी रहीं और गोपनीय परीक्षा प्रक्रियाओं का संचालन करती रहीं। आरोपों के अनुसार, जनवरी से जून के बीच TDPL की ओर से श्वेता गुप्ता और उनके परिजनों के लिए रांची से दिल्ली तथा बेंगलुरु की तीन हवाई टिकट बुक करायी गयी थीं। इन तथ्यों को जांच के दायरे में रखा गया है।
JPSC Paper Leak Case:रामवीर सिंह पर OMR शीट में हेराफेरी कराने का आरोप
TDPL के निदेशक रामवीर सिंह उर्फ आरवी सिंह पर आरोप है कि उन्होंने चुनिंदा अभ्यर्थियों को केवल उन्हीं प्रश्नों के उत्तर देने को कहा, जिनके जवाब उन्हें पता थे। शेष OMR शीट खाली छोड़ने का निर्देश देने का आरोप भी लगाया गया है।
जांच के अनुसार, बाद में स्कैनिंग की प्रक्रिया के दौरान खाली छोड़ी गयी OMR शीट में कथित तौर पर उत्तर भरकर अंक बढ़ाये गये। आरोप है कि परीक्षा के दौरान रामवीर सिंह 36 अभ्यर्थियों के संपर्क में थे। CID इन आरोपों से संबंधित डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्यों की जांच कर रही है।
JPSC Paper Leak Case:अभय कुमार तिवारी पर पैसे लेकर अभ्यर्थियों को पास कराने का आरोप
TDPL के मार्केटिंग मैनेजर अभय कुमार तिवारी उर्फ मनोज कुमार तिवारी को भी मामले का प्रमुख आरोपी बताया गया है। जांच में आरोप लगाया गया है कि परीक्षा एजेंसी में काम करने के दौरान उन्होंने खुद भी कथित रूप से फर्जी तरीके से कई परीक्षाएं पास कीं और बाद में अभ्यर्थियों को पास कराने के नाम पर रकम लेने का नेटवर्क तैयार किया।
आरोपों के मुताबिक, प्रारंभिक परीक्षा पास कराने के लिए पांच लाख रुपये और अंतिम चयन के लिए 25 लाख रुपये तक मांगे जाते थे। CID इन आरोपों से संबंधित साक्ष्यों और कथित आर्थिक लेन-देन की पड़ताल कर रही है।
JPSC Paper Leak Case:मो. उस्मान और मो. एबाद पर गोपनीय परीक्षा सामग्री से जुड़े आरोप
TDPL के कर्मचारी मो. उस्मान पर आरोप है कि उन्होंने 26 मई को तत्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता से सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा की गोपनीय आंसर-की अपने मोबाइल पर प्राप्त की थी। जांच के दौरान एजेंसी के लालपुर स्थित आवासीय परिसर से जब्त कंप्यूटरों में वन क्षेत्र पदाधिकारी (FRO) मुख्य परीक्षा 2026 की उत्तर पुस्तिकाएं मिलने की बात भी सामने आयी है।
वहीं, TDPL के एक अन्य कर्मचारी मो. एबाद पर मो. उस्मान के साथ मिलकर JPSC कार्यालय से गोपनीय परीक्षा सामग्री और FRO मुख्य परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाएं एजेंसी के लालपुर स्थित निजी आवास तक पहुंचाने का आरोप है। आरोप है कि इन दस्तावेजों को सिस्टम में भी फीड किया गया, जबकि परीक्षा सामग्री को आयोग के कार्यालय से बाहर ले जाने की अनुमति नहीं थी।
JPSC Paper Leak Case:JSSC CGL मामले में भी CID की कार्रवाई, सुरेश राय गिरफ्तार
JPSC मामले के बीच CID ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की संयुक्त स्नातक स्तरीय (CGL) परीक्षा में कथित धांधली के मामले में भी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने बोकारो जिले के दुग्धा स्थित न्यू बीसीसीएल कॉलोनी निवासी सुरेश राय को गिरफ्तार किया है। वह इस मामले में पहले से जेल में बंद उमेश राय का पिता है।
CID की जांच के अनुसार, सुरेश राय के दुग्धा स्थित आवास पर करीब 35 अभ्यर्थियों को जुटाकर प्रश्न-उत्तर रटवाये गये थे। आरोप है कि अभ्यर्थियों से परीक्षा में पास कराने के नाम पर पैसे वसूलने की व्यवस्था भी थी। जांच एजेंसी इस मामले में कथित नेटवर्क और आर्थिक लेन-देन से जुड़े तथ्यों की पड़ताल कर रही है।
फिलहाल JPSC मामले में CID की प्राथमिकता निर्धारित समयसीमा के भीतर चार्जशीट दाखिल करना है। आरोपियों के खिलाफ लगाये गये आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और अदालत में पेश किये जाने वाले साक्ष्यों के आधार पर होगी।


















