रांची में JPSC JSSC छात्रों ने मुख्य रास्ते के बजाय पीछे के रास्ते से विधानसभा के करीब पहुंचकर सातवीं बैरिकेडिंग भी तोड़ दी। पुलिस और छात्रों में टकराव की स्थिति बनी।
JPSC Student Protest रांची: झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन सोमवार को बेहद अहम मोड़ पर पहुंच गया। विधानसभा मार्च के दौरान छात्रों ने पुलिस की ओर से लगाए गए कई स्तर के बैरिकेड पार कर लिए। खास बात यह रही कि मुख्य सड़क पर लगाए गए सुरक्षा घेरे को पार करने के बाद छात्रों ने पीछे के रास्ते का सहारा लिया और झाड़ियों तथा कच्चे रास्ते से होते हुए विधानसभा के बेहद करीब पहुंच गए।
छात्रों के इस कदम से पुलिस प्रशासन की रणनीति भी प्रभावित हुई। सड़क मार्ग पर बनाए गए बैरिकेडिंग और सुरक्षा घेरे को पार करने के बाद प्रदर्शनकारी पीछे की ओर से विधानसभा की तरफ बढ़े। इस दौरान छात्रों के हाथों में तिरंगा था और वे लगातार नारेबाजी कर रहे थे।
JPSC Student Protest: पीछे के रास्ते से विधानसभा के करीब पहुंचे छात्र
विधानसभा मार्च के लिए प्रशासन ने मुख्य रास्तों पर कई स्तर की बैरिकेडिंग की थी। कंटीले तारों वाली बैरिकेडिंग भी लगाई गई थी। पुलिस को उम्मीद थी कि प्रदर्शनकारी मुख्य सड़क के रास्ते ही आगे बढ़ेंगे और उन्हें बैरिकेडिंग के जरिए रोका जा सकेगा।
लेकिन छात्रों ने मुख्य रास्ता छोड़कर पीछे का रास्ता पकड़ लिया। ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, छात्र जगन्नाथ पहाड़ के आसपास के इलाके से झाड़ियों और सड़क से अलग रास्ते से आगे बढ़े। इस रास्ते पर पुलिस की अपेक्षाकृत कम मौजूदगी के बीच प्रदर्शनकारी विधानसभा के काफी करीब तक पहुंच गए।
तस्वीरों में बड़ी संख्या में छात्रों को तिरंगा लेकर विधानसभा की ओर बढ़ते देखा गया। इससे पहले पुलिस की ओर से कई स्तर की बैरिकेडिंग की गई थी, लेकिन छात्रों ने एक के बाद एक बाधाओं को पार कर लिया।
प्रशासन की ओर से छात्रों को आगे नहीं बढ़ने और शांत रहने के लिए कहा जा रहा था। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर आगे बढ़ते रहे।
JPSC Student Protest: सातवीं बैरिकेडिंग भी टूटी, सुरक्षा बल और छात्रों में बढ़ा तनाव
विधानसभा के आसपास छात्रों को रोकने के लिए लगाई गई सातवीं बैरिकेडिंग भी प्रदर्शनकारियों ने उखाड़ दी। इसके बाद सुरक्षा बलों और छात्रों के बीच धक्कामुक्की की स्थिति बन गई।
मौके पर मौजूद सुरक्षा बलों ने छात्रों को पीछे धकेलने की कोशिश की। वहीं छात्र लगातार आगे बढ़ने का प्रयास कर रहे थे। इससे दोनों पक्षों के बीच टकराव की आशंका बढ़ गई।
इससे पहले पुलिस वाटर कैनन का इस्तेमाल कर चुकी थी। बैरिकेडिंग पार कर आगे बढ़ रहे छात्रों को पीछे हटाने के लिए पानी की तेज बौछार की गई। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी बड़ी संख्या में मौके पर डटे रहे।
ताजा रिपोर्टों में भी विधानसभा मार्च के दौरान छात्रों के बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ने और पुलिस की ओर से वाटर कैनन तथा लाठीचार्ज किए जाने की पुष्टि हुई है।
JPSC Student Protest: छात्र बोले- 15 दिन से शांतिपूर्ण धरना, अब विधानसभा तक जाएंगे
आंदोलन में शामिल छात्रों का कहना है कि वे करीब 15 दिनों से शांतिपूर्ण तरीके से धरने पर बैठे हैं, लेकिन सरकार उनकी मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं कर रही है। इसी वजह से उन्होंने विधानसभा मार्च का फैसला लिया।
प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि वे संवैधानिक तरीके से अपनी मांग सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं। छात्रों के हाथों में तिरंगा और संविधान की प्रतियां भी दिखाई दीं।
आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में JSSC CGL परीक्षा को लेकर उठे सवालों का समाधान, परीक्षा प्रक्रिया में सुधार और कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच शामिल है। प्रदर्शनकारी CGL समेत प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं।
छात्रों का कहना है कि वे नौकरी और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े अपने अधिकारों के लिए आंदोलन कर रहे हैं और मांगें पूरी होने तक पीछे नहीं हटेंगे।
JPSC Student Protest: पुलिस के लिए बढ़ी चुनौती
छात्रों के पीछे के रास्ते से विधानसभा के करीब पहुंचने के बाद प्रशासन के सामने सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई। मुख्य मार्गों पर की गई बैरिकेडिंग के बावजूद प्रदर्शनकारी वैकल्पिक रास्ते से आगे निकल गए।
विधानसभा परिसर के आसपास पहले से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। प्रशासन ने विधानसभा क्षेत्र के आसपास कई स्तरों पर बैरिकेडिंग की थी और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। विधानसभा के आसपास 750 मीटर तक सुरक्षा व्यवस्था मजबूत किए जाने की जानकारी भी सामने आई थी।
अब छात्रों के विधानसभा के इतने करीब पहुंचने के बाद प्रशासन की प्राथमिकता उन्हें परिसर की ओर बढ़ने से रोकना है। सातवीं बैरिकेडिंग टूटने के बाद सुरक्षा बलों ने छात्रों को पीछे करने की कोशिश तेज कर दी है।
Key Highlights
JPSC JSSC छात्रों ने मुख्य सड़क छोड़कर पीछे के रास्ते से विधानसभा की ओर बढ़ाई कूच।
झाड़ियों और वैकल्पिक रास्ते से होते हुए छात्र विधानसभा के बेहद करीब पहुंचे।
प्रदर्शनकारियों ने सातवीं बैरिकेडिंग भी उखाड़कर गिरा दी।
पुलिस और छात्रों के बीच धक्कामुक्की के बाद टकराव की स्थिति बनी।
वाटर कैनन और लाठीचार्ज के बाद भी छात्र अपनी मांगों पर डटे हुए हैं।
JPSC Student Protest: लाठीचार्ज के बाद पहले ही बढ़ चुका है तनाव
विधानसभा मार्च के दौरान पुलिस की ओर से वाटर कैनन के इस्तेमाल के बाद लाठीचार्ज भी किया गया। इसमें कई छात्रों के घायल होने की सूचना सामने आई। घायल प्रदर्शनकारियों को इलाज के लिए अस्पताल भेजे जाने की बात भी सामने आई है।
लाठीचार्ज के बाद कुछ प्रदर्शनकारियों की ओर से पुलिस पर पत्थर, चप्पल और कीचड़ फेंके जाने की बात कही गई। इसके बाद तनाव और बढ़ गया।
प्रशासन का कहना है कि छात्रों को लगातार आगे नहीं बढ़ने की अपील की जा रही थी। वहीं प्रदर्शनकारी पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठा रहे हैं। ऐसे में दोनों पक्षों के दावों को अलग-अलग संदर्भ में देखना जरूरी है।
JPSC Student Protest: देवेंद्र महतो ने कहा- मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन
आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल देवेंद्र महतो भी छात्रों के साथ विधानसभा मार्च में मौजूद हैं। वह लंबे समय से भूख हड़ताल पर हैं और स्वास्थ्य खराब होने के बावजूद आंदोलन में शामिल हुए।
देवेंद्र महतो ने छात्रों से लगातार शांतिपूर्ण और अनुशासित रहने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि आंदोलन का उद्देश्य छात्रों के भविष्य की लड़ाई लड़ना है और किसी भी स्थिति में इसे अराजक नहीं बनने दिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यह लड़ाई उन लाखों युवाओं की है जिनका भविष्य प्रतियोगी परीक्षाओं पर निर्भर है। उनका कहना है कि सरकार को छात्रों की मांगों पर बातचीत कर समाधान निकालना चाहिए।
ताजा घटनाक्रम के बीच छात्रों का विधानसभा के करीब तक पहुंचना आंदोलन के लिए महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। अब नजर इस बात पर है कि प्रशासन छात्रों को आगे बढ़ने से कैसे रोकता है और सरकार की ओर से इस आंदोलन को लेकर क्या अगला कदम उठाया जाता है।
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