JPSC Exam Controversy: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर राज्य की राजनीति गरमा गई है। इसी सिलसिले में, भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) ने शनिवार को चतरा कलेक्ट्रेट के बाहर राज्य सरकार के खिलाफ एक दिन का धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने कथित गड़बड़ियों की CBI जांच, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और नैतिक आधार पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे की मांग की।
कलेक्ट्रेट के बाहर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जुटे
धरने में BJP और युवा मोर्चा के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए, जिसकी अगुवाई BJYM के जिला अध्यक्ष सौरभ सुमन ने की। सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में निष्पक्ष जांच बहुत जरूरी है।
BJP ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए
धरने को संबोधित करते हुए BJP के जिला महासचिव डॉ. मृत्युंजय सिंह ने राज्य सरकार पर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि JPSC, JSSC और CGL जैसी भर्ती परीक्षाओं को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि रोजगार देने के बजाय सरकार भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ियों को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने यह भी कहा कि आयोग के अध्यक्ष एल. खियांग्ते के इस्तीफे की घोषणा और BJYM द्वारा JPSC कार्यालय का घेराव करने की योजना एक ही समय पर हुई। BJP का कहना है कि सिर्फ इस्तीफा काफी नहीं है; पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों को सजा मिलनी चाहिए।
‘JPSC को ATM नहीं बनने देंगे’
BJYM के जिला अध्यक्ष सौरभ सुमन ने ऐलान किया कि उनकी पार्टी किसी भी कीमत पर JPSC को “ATM” नहीं बनने देगी। उन्होंने आरोप लगाया कि चूंकि JPSC, CID और कार्मिक व गृह विभाग राज्य सरकार के अधीन काम करते हैं, इसलिए स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए CBI जांच जरूरी है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं करती है, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि झारखंड के युवाओं के भविष्य की रक्षा के लिए आंदोलन जारी रहेगा।

CBI जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग
विरोध प्रदर्शन के दौरान, BJP और BJYM नेताओं ने JPSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं की CBI जांच की मांग की। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की भी मांग की। प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। हालांकि, इस रिपोर्ट के लिखे जाने तक राज्य सरकार की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। इस मामले से जुड़ी जांच और कानूनी प्रक्रिया उचित माध्यमों से जारी है।
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