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JSSC Assistant Teacher Result 2023: 300 अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में! JSSC से परिणाम जारी करने की मांग तेज

JSSC Assistant Teacher Result 2023: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा आयोजित झारखंड प्रारंभिक विद्यालय सहायक आचार्य संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2023 (कक्षा 6 से 8) के अंतिम परिणाम को लेकर अभ्यर्थियों में नाराजगी बढ़ गई है। लिखित परीक्षा और दस्तावेज सत्यापन (DV) की प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद ODL (ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग) B.Ed अभ्यर्थियों का परिणाम अब तक जारी नहीं होने पर उन्होंने अपनी चिंता जताई है। अभ्यर्थियों का कहना है कि परिणाम लंबित रहने से करीब 300 उम्मीदवार प्रभावित हो रहे हैं।

ODL B.Ed को लेकर क्या है विवाद?

अभ्यर्थियों के अनुसार, दस्तावेज सत्यापन के दौरान आयोग की ओर से यह आपत्ति दर्ज की गई कि उनके पास दो वर्षीय ODL B.Ed की डिग्री है, जबकि भर्ती नियमावली में तत्कालीन एक वर्षीय रेगुलर B.Ed का उल्लेख किया गया है। इस पर प्रभावित अभ्यर्थियों का कहना है कि एनसीटीई (NCTE) के वर्ष 2009 के विनियम के तहत संचालित दो वर्षीय ODL B.Ed पूरी तरह मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रम था। उनके अनुसार उस समय रेगुलर B.Ed की अवधि एक वर्ष थी, जबकि ODL पाठ्यक्रम की प्रकृति के कारण उसकी अवधि दो वर्ष निर्धारित की गई थी। इसलिए दोनों डिग्रियां समकक्ष मानी जानी चाहिए।

समकक्षता के दस्तावेज सौंपने का दावा

अभ्यर्थियों का दावा है कि उन्होंने आयोग को विभिन्न विश्वविद्यालयों और संस्थानों की ओर से जारी समकक्षता (Equivalence) से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध कराए हैं। उनके अनुसार IGNOU, जामिया मिल्लिया इस्लामिया, नालंदा ओपन यूनिवर्सिटी, मगध यूनिवर्सिटी और ललित नारायण मिथिला यूनिवर्सिटी सहित संबंधित संस्थानों के प्रमाण-पत्र आयोग के समक्ष प्रस्तुत किए जा चुके हैं।

LPA 510/2025 का हवाला देने पर आपत्ति

प्रभावित अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया है कि आयोग उनके परिणाम को झारखंड हाईकोर्ट में लंबित LPA 510/2025 का हवाला देकर रोक रहा है। अभ्यर्थियों का कहना है कि संबंधित मामला दो वर्षीय रेगुलर B.Ed से जुड़ा है, जबकि उनका मामला वर्ष 2009 के विनियम के तहत प्राप्त ODL B.Ed से संबंधित है। उनका दावा है कि दोनों मामलों की प्रकृति अलग है।

लगभग 300 अभ्यर्थी प्रभावित होने का दावा

अभ्यर्थियों के अनुसार परिणाम लंबित रहने से करीब 300 उम्मीदवार प्रभावित हैं। उनका यह भी कहना है कि इनमें बड़ी संख्या ऐसे अभ्यर्थियों की है जो पहले से पारा शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने दावा किया कि कई उम्मीदवारों के अंक अपनी-अपनी श्रेणी के अंतिम चयनित अभ्यर्थियों से अधिक हैं, लेकिन परिणाम जारी नहीं होने के कारण नियुक्ति प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है।

अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगें

आंदोलनरत अभ्यर्थियों ने राज्य सरकार और आयोग से कई मांगें रखी हैं, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:

  • मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री और JSSC अध्यक्ष इस मामले में हस्तक्षेप करें।
  • संबंधित विश्वविद्यालयों और NCTE के समकक्षता दस्तावेजों के आधार पर ODL B.Ed को मान्यता देते हुए लंबित परिणाम जारी किया जाए।
  • ODL B.Ed अभ्यर्थियों के परिणाम पर LPA 510/2025 से जुड़ी रोक हटाकर नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए।

फिलहाल आयोग की ओर से इस विषय पर कोई नई आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है। मामले को लेकर अभ्यर्थी जल्द समाधान की मांग कर रहे हैं।

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